कर्नाटक में 10 मई को चुनाव होने वाले हैं. पार्टियां रस्साकशी में लगी हुई हैं. इस बीच कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र जारी किया जिसमे कांग्रेस ने सत्ता में आने पर बजरंग दल और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया जैसे संगठनों पर निर्णायक कार्रवाई की बात कही थी हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्टों में इस कार्रवाई को ‘प्रतिबंध’ बताया गया. ये बात सामने आने के बाद से ही खूब बवाल मचा हुआ है |
क्या हैं पूरा मामला..
जिसके चलते हिंदू संगठन बजरंग दल ने मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित कांग्रेस ऑफिस पर गुरुवार, 4 मई को हमला कर दिया. बजरंग दल के लोग कांग्रेस ऑफिस में जबरदस्ती घुसे और वहां जमकर तोड़फोड़ की. घटना का एक वीडियो सामने आया है. इसमें भारी तादात में बजरंग दल के कार्यकर्ता कांग्रेस ऑफिस का गेट तोड़ते हुए ऑफिस में घुसते दिख रहे हैं. वहां उन्होंने जमीन पर रखे कुछ स्लैब्स तोड़ दिए, टिन की छत भी तोड़ डाली. वीडियो में कई लोगों के हाथ में बजरंग दल का झंडा दिख रहा है. कइयों के हाथ में लाठी-डंडे हैं.कर्नाटक में एक चुनावी रैली में खुद पीएम मोदी ने कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो बजरंग दल पर बैन लगा देगी. कर्नाटक में एक चुनावी रैली में उन्होंने कहा,
“अतीत में उन्होंने (कांग्रेस ने) भगवान राम को ताले में बंद किया था. उनको उनसे समस्या थी. अब वे उन लोगों को ताले में बंद करना चाहते हैं जो बजरंग बली का नाम लेते हैं.”
कांग्रेस ने भी जवाब दिया…
भगवान हनुमान के करोड़ों भक्तों से प्रधानमंत्री को माफ़ी मांगनी चाहिए. वो हमारी रक्षा करते हैं और आप बजरंग दल की तुलना बजरंग बली से करके उनका अपमान कर रहे हैं. हमारे धार्मिक विश्वास को ठेस पहुंचाने की कोई सीमा होती है |आपको बता दें की कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में कहा था कि वो समुदायों के बीच ‘दुश्मनी या नफरत’ फैलाने वाले व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ ‘दृढ़ और निर्णायक कार्रवाई’ करेगी. इसमें बजरंग दल के साथ पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) का नाम भी लिया गया था |

