प्रयागराज में आतंक का दूसरा नाम बन चुके माफिया अतीक और अशरफ की हत्या के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में किसी की सबसे ज्यादा चर्चा है तो वह बमबाज गुड्डू मुस्लिम का है। गुड्डू मुस्लिम बमबाज के अलावा मुर्गी नाम से भी कुख्यात है। आपको बता दें कि गुड्डू मुस्लिम अपराध जगत में केवल 15 साल की उम्र में कदम रख दिया था। वह उस समय छोटे-मोटे अपराध की घटनाओं को अंजाम दिया करता थाा। लेकिन वह अब अपराध जगत का कुख्यात नाम बन चुका है। गुड्डू मुस्लिम को बंदूक चलाने नहीं आता लेकिन कहा जाता है कि वह बम बनाने में काफी शातिर है। वह बाइक पर बैठे बैठे ही बम बना लेता है। गुड्डू मुस्लिम का निशाना भी एकदम सटीक रहता है।
उमेशपाल हत्याकांड में असद के नाम के अलावा अगर कोई सबसे ज्यादा चर्चा में रहा तो वह गुड्डू मुस्लिम का ही नाम रहा… गुड्डू मुस्लिम ने ही सबसे पहले बम फेककर इलाके को धुआं – धुआं किया और उमेश पाल के गार्ड पर बम फेक कर हत्या किया। इसके बाद असद के साथ मिलकर 7 शूटरों ने उमेश पाल की हत्या कर दी। हत्या के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। जिसमें गुड्डू मुस्लिम भी शामिल रहा। जिस दिन उमेश पाल की हत्या हुई उस रात से गुडू मुस्लिम अपना फ़ोन बंद कर लिया और अपना फ़ोन उस दिन चालू किया जिस दिन अतीक और अशरफ की हत्या हुई। वह भी उसने थोड़ी देर के लिए ही चालू किया था। अतीक और अशरफ की हत्या कन्फर्म करने के बाद बमबाज गुड्डू मुस्लिम ने अपना फ़ोन फिर से बंद कर लिया।
अब सवाल यह उठता है कि क्या गुड्डू मुस्लिम अतीक से दगाबाजी कर रहा था ? क्या वह अतीक को धोखा दे रहा था ? लेकिन सवाल यह भी है कि आखिर ऐसी क्या बात थी जिस बात से गुड्डू मुस्लिम अतीक के सबसे ख़ास गुर्गा होने के बाद भी दगा दे दिया ?
दरअसल, गुड्डू मुस्लिम को यह बात पता चल गया था कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद अतीक अपने बेटे को बचाने के लिए पुलिस को उसके खिलाफ जानकारियां दे रहा है। पुलिस की बढ़ती सख्ती के कारण अतीक अपने बेटे को बचाना चाहता था। इस कारण वह गुड्डू मुस्लिम के खिलाफ जानकारियां पुलिस को देना शुरू कर दिया। गुड्डू मुस्लिम को यह बात जैसे ही पता चला वह बागी हो गया। बता दें कि गुड्डू मुस्लिम ने ही यूपी एसटीएफ को असद और गुलाम के बारे में जानकारी दी थी। उसने ही बताया था कि असद और गुलाम झाँसी में छुपा बैठा है। असद और गुलाम की हत्या के बाद अतीक और अशरफ को पता चल गया कि उसके बेटे की जानकारी यूपी एसटीएफ को गुड्डू मुस्लिम ने ही दिया है।
यूपी पुलिस को शक है कि अशरफ को गुड्डू मुस्लिम के बारे में पता चल गया था कि वह धोखेबाजी कर रहा है। अतीक और अशरफ गुड्डू मुस्लिम को जेल से ही मरवाना चाहता था लेकिन उससे पहले ही गुड्डू मुस्लिम ने अतीक और अशरफ की हत्या करवा दी। हालाँकि अतीक और अशरफ की हत्या की कई कहानियां सामने आ रही है। असली कहानी गुड्डू मुस्लिम के पकड़े जाने के बाद ही पता चल पाएगा।
आपको बता दे कि जब अतीक और अशरफ की हत्या की गयी उस वक़्त मीडिया ने अतीक से बेटे के जनाजे में नहीं जाने का कारण पूछा था लेकिन अशरफ गुड्डू मुस्लिम के बारे में कुछ बताना चाहता था। उसने जैसे ही यह बोला कि मेन बात यह है कि गुड्डू मुस्लिम … तभी अतीक के कनपट्टी पर बन्दुक रख कर उसकी हत्या कर दी गयी और साथ ही उसके भाई अशरफ को भी गोलियों से भून दिया गया।
अब सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर अशरफ गुड्डू मुस्लिम के बारे में ऐसा क्या बताना चाहता था जिसे गुड्डू मुस्लिम उजागर नहीं होने दिया। अतीक और अशरफ के मौत के साथ ही उस राज को दफ़्न कर दिया गया। खैर, गुड्डू मुस्लिम को पकड़ने के लिए यूपी पुलिस और यूपी एसटीएफ लगातार छापेमारियां कर रही है। गुड्डू मुस्लिम के पकड़ने जाने के बाद ही सारी सच्चाई सामने आने की संभावना है।

