AMU News : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के विभिन्न विभागों में तैनात ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) पद को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरटीआई एक्टिविस्ट तारिक इस्लाम ने ओएसडी पद की वैधता को लेकर दो बार आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी। पहली आरटीआई पर अधूरी जानकारी दी गई, जबकि दूसरी बार जवाब में इंतजामिया ने ओएसडी पद को अवैध बताया। विश्वविद्यालय में ओएसडी और एमओआईसी पद पर तैनाती को लेकर पहले भी दबी जुबान में सवाल उठते रहे हैं।
तारिक इस्लाम ने पहली बार 6 सितंबर को आरटीआई दाखिल की थी, जिसका जवाब 26 सितंबर को मिला, लेकिन उसमें पूरी जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद उन्होंने दोबारा 2 दिसंबर को आरटीआई डाली, जिसके जरिए जानकारी स्पष्ट की गई। आरटीआई में पता चला कि एएमयू के विभिन्न विभागों में कुल छह ओएसडी तैनात हैं। इनमें प्रो. असीम जफर, प्रो. एसके एहतेशमउद्दीन अहमद, प्रो. ऐजाज़ मसूद, डॉ. फैसल हसन, प्रो. असफर अली खान और प्रो. मोहम्मद परवेज़ शामिल हैं। हालांकि, प्रो. आसिम और प्रो. एहतेशमउद्दीन को छोड़कर बाकी ओएसडी की तैनाती की अवधि का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
आरटीआई कार्यकर्ता तारिक इस्लाम का कहना है कि जानकारी प्राप्त करने में तीन महीने का समय लगा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विश्वविद्यालय जानकारी छिपाना चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितताएं की जा रही हैं और चयन समितियां इन अवैध नियुक्तियों को नियमित करने के लिए बनाई गई हैं।
आरटीआई में पूछे गए सवालों के जवाब में कई मामलों में विश्वविद्यालय ने जानकारी न होने की बात कही। जैसे, विश्वविद्यालय में कितने ओएसडी तैनात हैं, वीसी को तैनाती का अधिकार है या नहीं, और शिक्षक को ओएसडी तैनात किया जा सकता है या नहीं। एमओआईसी पीआरओ आसिम सिद्दिकी ने बताया कि विवि ने लिखित में जवाब दिया है, लेकिन तकनीकी पहलुओं पर कोई जानकारी नहीं दी गई है।

