वासंतिक चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन और माह ए रमजान के पहले दिन यानी कल शुक्रवार की देर शाम आसमान में एक अद्भुत नजारा देखने को मिला। यह एक ऐसी खगोलीय घटना थी जिसे देखकर लोग रोमांचित हो रहे थे। ऐसा नजारा कई वर्षों में एक बार देखने को मिलता है। कल रात से लेकर आज सुबह तक लोग इस खगोलीय घटना को अपने कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे थे।
पृथ्वी, चंद्रमा और शुक्र ग्रह आएं एक सीध में
दरअसल कल शाम यानी शुक्रवार को आसमान में चन्द्रमा के ठीक नीचे एक चमकीला ग्रह दिखाई दिया जो काफी आकर्षण का केंद्र रहा। लोग इसकी तस्वीरों को साझा कर इसकी खूबसूरती के साथ इसके परिणाम को लेकर भी तरह-तरह की चर्चा कर रहे है। इस खगोलीय घटना को सनातन धर्मी देवी चंद्रघंटा का स्वरूप बताते रहे। तो मुस्लिम युवा इसे खुदा का करिश्मा बता रहे है। उनका कहना है कि रमजान के पहले दिन ऐसा नजारा देश के लिए खुशी का पैगाम है। ज्योतिष विदों के अनुसार चंद्रमा और शुक्र एक ही राशि पर आए हैं। यह एक खगोलीय घटना है और ज्योतिष की दृष्टि से यह शुभ हैं। इससे धार्मिक व मांगलिक कार्य संपन्न होंगे।
यह नजारा वर्ष 2035 में दोबारा दिखाई देगा
वैज्ञानिकों के अनुसार यह नजारा कभी-कभी दिखता है। यह शुक्र ग्रह पर ग्रहण की एक खगोलीय घटना है। इस घटना को लूनर ऑक्यूलेशन और वीनस कहते हैं। पृथ्वी, चंद्रमा और शुक्र ग्रह एक सीध में आ जाते हैं। अपनी कक्षा में घूमते हुए शुक्र जब चंद्रमा और पृथ्वी के सामने आता है तो कुछ देर के लिए यह चंद्रमा के नीचे ऐसे दिखाई देता है जैसे चंद्रमा ने गले में मणि वाला कोई लॉकेट पहन रखा हो। यह घटना वर्षों में एक बार होती है। शुक्र ग्रह इससे पहले 2020 में देखा गया था। अब यह नजारा वर्ष 2035 में दोबारा दिखाई देगा।

