दिल्ली की नई मुख्यमंत्री आतिशी (Atishi) ने सोमवार 23 सितंबर को अपना पदभार संभाल लिया है. तो वहीं कमान संभालने के साथ ही उन्होंने यह भी तय कर दिया है कि भले ही वो सीएम की कुर्सी पर काबिज हैं, लेकिन सबसे पहले स्थान पर अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ही रहेंगे. सोमवार को सीएम की कुर्सी संभालने के साथ ही आतिशी ने कहा,’जिस तरह भरत जी ने खड़ाऊं रखकर सिंहासन संभाला उसी तरह मैं सीएम की कुर्सी संभालूंगी.’ तो वहीं इसी के साथ उनके बगल में एक खाली कुर्सी भी नजर आई. उन्होंने कहा कि ये कुर्सी केजरीवाल की वापसी तक इसी कमरे में रहेगी और इस कुर्सी को अपने सीएम केजरीवाल का इंतजार रहेगा. ऐसे में आतिशी के इस बयान पर बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय कोअर्डिनेटर आकाश आनंद (Akash Anand) उन पर तीखा हमला किया है.
आतिशी ने किया संविधान का उल्लंघन
दरअसल, जिस तरह आतिशी ने अरविंद केजरीवाल के लिए कुर्सी को खाली छोड़ा और अपने लिए अगल कुर्सी लगवाई है, इसको लेकर अब काफी सियासत हो रही है। आतिशी के इस कदम को लेकर जहां बीजेी उनपर हमलावर है और से संविधान का उल्लंघन बता रहे हैं. तो अब वहीं दूसरी तरफ BSP प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने भी इसकी आलोचना की। उन्होंने सेशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि ये दिल्ली की जनता के साथ एक बड़ा धोखा है. उन्होंने आगे लिखा कि बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी की तस्वीर लगाकर अरविंद केजरीवाल का खड़ाऊ रख कर अयोध्या के शासन का सपना देख रही श्रीमती आतिशी सिंह की यह तस्वीर लोगों को गुमराह करने वाली है, और उनके शब्द संविधान की शपथ का उल्लंघन कर रहे है, क्योंकि उनकी आस्था अरविंद केजरीवाल जी के प्रति ज़्यादा दिखाई दे रही है ना कि, भारत के संविधान के प्रति। उनके इस कदम से सीएम पद की गोपनीयता प्रभावित होगी और ये दिल्ली की जनता के साथ धोखा है।
आतिशी बनीं दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री
आपको बता दें कि पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद आतिशी ने 21 सितंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उन्होंने कांग्रेस की शीला दीक्षित और बीजेपी की सुषमा स्वराज के बाद दिल्ली की 8वीं और तीसरी महिला मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और उनके साथ पांच और कैबिनेट मंत्रियों ने भी शपथ ली, जिसमें 4 पिछली सरकार के और एक नया चेहरा शामिल है। उनके नाम है सौरभ भारद्वाज, कैलाश गहलोत, गोपाल राय, इमरान हुसैन और मुकेश अहलावत है.
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आप ने चुना आतिशी को सीएम
बता दें कि आतिशी पूर्व की केजरीवाल सरकार में भी मंत्री रही है और कई विभागों की जिम्मेदारी भी संभाल रही थीं. पार्टी की ओर से सियासी मुद्दों पर भी काफी मुखर रही हैं और अन्ना आंदोलन के समय से ही केजरीवाल के साथ काम करती रही हैं. जेल से रिहा होने के बाद अरविंद केजरीवाल ने 15 सितंबर को मुख्यमंत्री पद छोड़ने का ऐलान कर दिया था. जिसके बाद 17 सितंबर को केजरीवाल ने उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना को अपना इस्तीफा भी सौंप दिया था. बता दें कि आम आदमी पार्टी ने इससे पहले ही आतिशी को अपना विधायक दल का नेता चुन लिया गया था. ऐसे में अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के तुरंत बाद ही आतिशी ने उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना के सामने नई सरकार बनाने का दावा भी पेश कर दिया था. ऐसे में आतिशी के नाम का जब ऐलान किया गया था, तभी उन्होंने कहा था कि वो आगामी चुनाव तक ही सीएम रहेंगी और विधानसभा चुनाव के बाद दोबारा जब आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी तो अरविंद केजरीवाल ही सीएम बनेंगे.

