नई संसद भवन को लेकर देश में संग्राम छिड़ा हुआ है। देश की कई विपक्षी पार्टियां नई संसद भवन को लेकर सत्तधारी दल भाजपा और पीएम मोदी पर निशाना साध रही है। बता दें कि आगामी 28 तारीख यानी 28 मई को देश को नई संसद भवन मिलने वाला है। जिसका उद्धघाटन प्रधानमंत्री मोदी करेंगे। वहीं देश के 19 विपक्षी दलों ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर इस उद्घाटन का बहिष्कार किया है। उनलोगों ने मांग की है कि नई संसद भवन का उद्घाटन देश के महामहिम यानी राष्ट्रपति करें।
गौरतलब है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी और दूसरी सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस ने भी इस उद्घाटन समारोह का बहिष्कार किया है लेकिन अब कांग्रेस के ही एक बड़े नेता इस विरोध को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा है कि संसद भवन का उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री नहीं करेंगे तो क्या पाकिस्तान के प्रधानमंत्री करेंगे ?
देश का विरोध करना ठीक नहीं
कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने विपक्षी पार्टियों द्वारा किए जा रहे बहिष्कार का विरोध करते हुए कहा कि , “भारत की संसद भारत की धरोहर है, भाजपा की नहीं… देश की संसद का उद्घाटन हिंदुस्तान का प्रधानमंत्री नहीं करेगा तो क्या पाकिस्तान का प्रधानमंत्री करेगा ? संसद, राष्ट्रपति भवन ये इस तरह की इमारतें हैं जो किसी पार्टी की नहीं होती हैं। ये देश की होती हैं। हम प्रधानमंत्री की नीतियों का विरोध करें, हमें करना चाहिए, हम हर जगह करेंगे, लेकिन देश की जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए हमें मोदी का विरोध करने का हक है, लेकिन देश का विरोध करना ठीक नहीं है।”
विपक्ष ओवैसी के रास्ते पर न चले
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने विपक्षी दलों से अपील करते हुए कहा, मैं सभी दलों से अपील करता हूं कि वो अपने फैसले पर फिर से विचार करें। मोदी का विरोध करो, देश का विरोध करना ठीक नहीं है। देश की संसद पूरे देश की है, किसी एक पार्टी की नहीं है। भारत की संसद को भाजपा का समझना गलत है। इसीलिए मेरा निवेदन है कि तमाम विपक्ष ओवैसी के रास्ते पर न चले।

