देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने आज पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी बलवंत सिंह राजोआना की फांसी की सजा को उम्र कैद में बदलने से मना कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने हत्यारा बलवंत सिंह के साथ कोई दया नहीं दिखाई। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने केंद्र सरकार को निर्देश भी दिया है। बता दें कि कोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से राजोआना की दया याचिका पर जल्द फैसला लेने को कहा है।
इससे पहले अदालत ने 2 मार्च को फैसला सुरक्षित रख लिया था। केंद्र सरकार ने हत्या के दोषी बलवंत सिंह राजोआना की रिहाई की अर्जी पर कहा था कि उसको छोड़े जाने से कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका है। बता दें कि राजोआना की दया याचिका महामहिम राष्ट्रपति के पास लंबे समय से लंबित है।
अदालत में बलवंत के तरफ से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी पेश हुए। उन्होंने अदालत से कहा कि मौत की सजा के मामले में लंबे समय तक देरी करना मौलिक अधिकार का हनन है। हम दया याचिका पर उनके फैसले का इंतजार नहीं कर सकते। कोर्ट को मामले में अब फैसला सुनाना चाहिए। बता दें कि रोहतगी ने कोर्ट को बताया कि साल 2012 से राजोआना की दया याचिका लंबित है। वह पिछले 27 सालों से जेल में है। उसकी उम्र 56 साल हो गई है।
गौरतलब है कि पिछले साल 28 सितंबर, 2022 को सर्वोच्च अदालत ने केंद्र सरकार से कहा था कि राजोआना की सजा कम करने की अर्जी पर जल्द फैसला ले। अदालत ने यह भी कहा था कि आप कुछ भी फैसला लें लेकिन आपको फैसला लेना ही होगा।

