कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे पहलवानों से मिलने पहुंचे। पिछले कई दिनों से पहलवान यौन उत्पीड़न के आरोप मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब पहलवानों का साथ देने नवजोत सिंह सिद्धू जंतर मंतर पहुंचे हैं।
थोड़ी देर पहले नवजोत सिंह सिद्धू ने पहलवानों का समर्थन करते हुए अपने ट्वीट किया था और लिखा था- “Will join the “सत्याग्रह” at Jantar Mantar around noon today !!”इसके साथ ही उन्होंने लिखा था कि 9 नामी महिलाओं द्वारा शिकायत की फिर भी कोई FIR दर्ज नहीं की गई। ये भारतीय इतिहास में समय के गाल पर एक आंसू है।
पहलवानों को मिला सिद्धू का समर्थन
जंतर मंतर पर पहुंचे नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट कर कहा, “यह जानना कि क्या सही है और यह नहीं करना सबसे बड़ी कायरता है!!! एफआईआर में देरी क्यों हुई? प्राथमिकी को सार्वजनिक न करना यह दर्शाता है कि प्राथमिकी हल्की है और शिकायतकर्ता की शिकायत की पुष्टि नहीं करती है। मंशा संदिग्ध है और मकसद अभियुक्तों की रक्षा करना है क्या चीजों को छुपाया जा रहा है? जिस अधिकारी ने एफआईआर में देरी की, उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 166 के तहत मुकदमा क्यों नहीं चलाया जा रहा है? क्योंकि वह प्राथमिकी दर्ज करने के लिए बाध्य था, जैसे की माननीय सुप्रीम कोर्ट के ललिता कुमारी बनाम यूपी सरकार के फैसले के अनुसार एक संज्ञेय अपराध के मामले में अनिवार्य है।
सिद्धू ने आगे लिखा, “POCSO एक्ट के तहत दर्ज मामले गैर जमानती हैं। अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? क्या ऊंचे और ताकतवर के लिए कानून अलग है? विचाराधीन व्यक्ति प्रभाव और प्रभुत्व की स्थिति में क्यों बना रहता है जो किसी के भी करियर को बना और बिगाड़ सकता है? उनके नेतृत्व में एक निष्पक्ष जांच असंभव है। राष्ट्र समझता है कि समिति का गठन केवल देरी और विचलन है। सार्थक जांच के लिए आगे बढ़ने और सच्चाई को उजागर करने का एकमात्र तरीका “हिरासत में पूछताछ” है, बिना इसकी निष्पक्ष जांच बेमानी है।”
इसके बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने लिखा, “यह लड़ाई हर महिला के सम्मान, अखंडता और गरिमा के लिए है। एक समाज जो महिलाओं का सम्मान नहीं करता है वह नीचे की ओर जा रहा है। यदि उच्च सम्मान और उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं के साथ देश का गौरव बढ़ाने के लिए इतना घिनौना व्यवहार किया जाता है तो जो सड़कों पर हैं उन लोगों के भाग्य की कल्पना कीजिए जिनके मत से बनती है सरकारें, खेल जगत के चमकते हुए सितारे, सड़को पे दर बदर भटक रहे बेचारे !!”।

