पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने शुक्रवार को कहा कि आईएएस जी कृष्णैया हत्याकांड के समय लालू प्रसाद मुख्यमंत्री थे। इसलिए वही बतायें कि यदि पूर्व सांसद आनंद मोहन निर्दोष थे, तो उन्होंने उस समय उनकी कोई मदद क्यों नहीं की ?
भाजपा नेता और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि दलित आईएएस अधिकारी की ड्यूटी के दौरान दिनदहाड़े हुई हत्या की यह जघन्य घटना लालू राज के डरावने दिनों की याद दिलाती है। उस दौर में दलितों के नरसंहार, हत्या और व्यवसायों के अपहरण की घटनाएं आम हो चुकी थीं। उन्होंने कहा कि आनंद मोहन के मामले में लालू-राबड़ी सरकार ने सेशन कोर्ट से हाई कोर्ट तक उनकी रिहाई का विरोध किया था। आज यही लोग उनकी रिहाई के लिए जेल कानून को बदल रहे हैं।
राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने कहा कि 2005 तक राजद की सरकार थी। तब क्यों नहीं आनंद मोहन को निर्दोष बताने की कोशिश की गई। इसका जवाब तो लालू प्रसाद ही दे सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि आज चुनावी लाभ के लिए लाखों सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को ताक पर रख कर राजद-जदयू की सरकार दुर्दांत अपराधियों को रिहा कर रही है।

