नीतीश कुमार को झटका लग गया है, दरअसल जनता दल यूनाइटेड के पूर्व प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक (Ajay Alok) ने शुक्रवार (28 अप्रैल) को बीजेपी (BJP) का दामन थाम लिया। दिल्ली में उन्हें केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने बीजेपी की सदस्यता दिलाई है।
डॉ अजय आलोक सीएम नीतीश की पार्टी के काफी करीबी नेता माने जाते थे तो ऐसे में अब बिहार की राजनीति में क्या फर्क पड़ेगा इसका जवाब तो आने वाला समय नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जेडीयू को पता लगेगा। अब आप तो जानते हैं कि देश की राजनीति में इन दिनों वैसे ही माहौल काफी गरमाया हुआ है और अब बिहार की राजनीति में उथल पुथल मची हुई है। अजय आलोक से पहले भी नीतीश को कई झटके लग चुकें हैं क्योंकि उनकी पार्टी के कई नेता भाजपा में औपचारिक तरीके से शामिल हो चुकें हैं।
वहीं 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए भाजपा के खिलाफ संयुक्त मोर्चा बनाने के लिए नीतीश कुमार आजकल विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर रहें हैं। 24 अप्रैल को नीतीश कुमार ने बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से मुलाकात की। उससे पहले 12 अप्रैल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। तीनों नेताओं की मुलाकात कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर पर हुई थी।
हालांकि जब नेताओं से पूछा गया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद का दावेदार कौन है तो इस पर सभी नेताओं ने चुप्पी साध ली। इसपर खड़गे बस इतना बोल पाए कि सभी पार्टियों को एकजुट कर लड़ना है हम सब इसी के लिए काम कर रहे हैं।
खैर अब अजय आलोक भाजपा के हाथ थाम चुके हैं तो जाहिर है कि अजय आलोक लंबे समय तक जेडीयू के संगठन का काम कर चुके हैं। वो जेडीयू के खिलाफ बीजेपी के लिए एक बड़ा हथियार साबित हो सकते हैं। लोकसभा चुनाव भी नजदीक हैं और ऐसे में नीतीश के कभी काफी करीबी रहे नेता को अपने पाले में करके बीजेपी ने एक कामयाबी तो हासिल कर ही ली है।

