माफिया अतीक और अशरफ की मौत को भले ही 13 दिनों का समय बीत गया हो लेकिन इस मामले में आग अभी तक शांत नहीं हुई है। 28 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। जस्टिस एस. रविंद्र भट्ट और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ माफिया अतीक और अशरफ की हत्या को लेकर सुनवाई करेगी।
इस डबल मर्डर केस में सीएम योगी की सरकार ने SC में कैविएट याचिका दाखिल की है। इसके साथ ही यूपी सरकार ने ये भी कहा है कि हमारा पक्ष सुने कोई भी आदेश पारित न किया जाए और पूरे हत्या के मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग भी यूपी सरकार ने की है। 2017 से हुए 183 एनकाउंटरों की भी जांच कराने की मांग भी की गई है। वकील विशाल तिवारी ने याचिका दाखिल की है, SC के रिटायर्ड जज की निगरानी में मामले की जांच हो ये भी कहा है।
भले ही माफिया अतीक अहमद और अशरफ मिट्टी में मिल गए हो लेकिन वो कहते हैं ना पाप की दुनिया छोड़ने वाले इंसान के गुनाहों की सजा आगे आने वाले लोंगो को भुगतनी पड़ती है। अतीक और अशरफ को तो उनके गुनाह की सजा मिल गई लेकिन अब उसके परिवार पर भी मुसीबतों की तलवार लटक चुकी है। अतीक और अशरफ के पूरे परिवार पर अब ईडी (ED) का शिकंजा कसता जा रहा है।
ईडी के हाथों अब माफिया अतीक की बेगम शाइस्ता परवीन के 6 एसोसिएट्स और पूरे परिवार की 50 से ज्यादा बैंक खातों की डिटेल्स हाथ लगीं हैं। जिससे परिवार वाले मनी लॉन्ड्रिंग कर रहे थे। इसके अलावा 10 से ज्यादा बैंक अकाउंट्स को फ्रीज किया गया है और बाकी अकाउंट्स को भी फ्रीज करने की तैयारी चल रही है। माफिया अतीक के साथ गुंडागर्दी का पूरा नेटवर्किंग पूरा परिवार एक जाल की तरह भूनता और सभी मकसद को अंजाम देने में भी पूरा परिवार शामिल रहता था।
ईडी को इस बात का भी शक है कि इन बैंक अकाउंट्स से मौजूदा समय में भी शाइस्ता के सहयोगियों उसकी मदद कर रहे हैं। जांच एजेंसी ने 20 से ज्यादा ऐसी कंपनियों की पहचान की है, जिसका शाइस्ता के करीबी काले धन को सफेद करने के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। 3 कंस्ट्रक्शन कंपनी की जानकारी भी हाथ लगी है, जो अतीक के कहने पर जबरदस्ती हथियाई गई जमीनों पर बिल्डिंग बनाने का काम करती थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि शाइस्ता के करीबियों ने 20 से ज्यादा शेल कंपनियों को मुंबई, कोलकाता जैसे शहरों में रजिस्टर कराया था। इनके जरिए अतीक की काली कमाई को खपाया जा रहा था। ईडी ने अतीक के दोनों चार्टर्ड अकाउंटेंट को भी पूछताछ के लिए तलब किया है। अधिकारी जल्द ही प्रयागराज पुलिस और एसटीएफ से अतीक गैंग के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा भी मांगेंगे।
27 अप्रैल को पुलिस जब माफिया अतीक के ससुर के घर पहुंची और छापेमारी की तो उन्हें एक डायरी हाथ लगी जिसमें अतीक के कई काले कारनामों के राज लिखे हुए थेडायरी में माफिया अतीक के करीबियों और मददगार गुर्गों के नाम दर्ज हैं। वहीं, इस डायरी में अतीक के पांच राज्यों में फैले काले साम्रज्य का पूरा लेखा जोखा भी शामिल है। पुलिस ने डायरी में मिली जानकारी की जांच के लिए कई टीमों का गठन कर दिया है।

