देश की पहली सेमी हाईस्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस के तो जैसे ग्रह नक्षत्र खराब चल रहें हैं एक के बाद एक कई बार हादसे का शिकार हुए जा रही है वंदे भारत एक्सप्रेस एक बार क्षतिग्रस्त हो गई है दिल्ली से भोपाल वापस आ रही ट्रेन ग्वालियर में गाय के टकराने से हादसे का शिकार हो गई जिसमें ट्रेन का बोनट खुल गया और अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
जब से देश में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का उद्घाटन हुआ तबसे कई बार ट्रेन हादसे का शिकार हो चुकी है और इन हादसों से ऐसा लगता है कि जिस दिन ट्रेन का उद्घाटन हुआ मुर्हूत ही सहीं नहीं रहा। दिल्ली से भोपाल वापस आ रही ट्रेन ग्वालियर में 15 मिनट डबरा स्टेशन पर खड़ी रही और ट्रेन को देखने के लिए लोंगो की भीड़ लग गई। रेलवे के टेक्निकल स्टाफ द्वारा स्टेशन पर ही बोनट को ठीक किया गया जिसके बाद ट्रेन रवाना हो सकी।
वंदे भारत एक्सप्रेस के साथ ये हादसा पहली बार नहीं हुआ है इससे पहले भी कई बार ट्रेन हादसे का शिकार हो चुकी है। पीएम मोदी ने जब पहली वंदे भारत एक्सप्रेस भोपाल से मध्य प्रदेश के लिए हरी झंडी दिखाई थी और ट्रेन को चले हुए एक महीना भी पूरा नहीं हुआ था कि उससे पहले ही हादसे ने ट्रेन को क्षतिग्रस्त कर दिया था।
ठीक ऐसा ही हुआ था गांधीनगर-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) के साथ भी भैंसों के झुंड के सामने आ जाने से ट्रेन का आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, उसके बाद मुंबई से आते वक्त अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के नजदीक वटवा और मणिनगर स्टेशन के पास भैंसों के झुंड से टकरा गई थी और ट्रेन का फ्रंट का हिस्सा टूट गया था।
लगातार वंदे भारत एक्सप्रेस के साथ हो रहे ये हादसे प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गए हैं इन हादसों को रोकने के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारतीय रेलवे इन दिनों देश की तरक्की के लिए आधुनिकता पर जोर दे रहा है जिससे आम लोंगो को एक जगह से दूसरी जगह जाने में आसानी हो सके टाइम कम लगे, लोगों को सहूलियत और आराम मिले।
प्रशासन लगातार भारत की रेलों और रेलवे स्टेशनों को अपग्रेड करने में जुटा हुआ है। नई-नई हाई स्पीड ट्रेनें लॉन्च हो रही हैं। इसी कड़ी में सरकार ने भविष्य में पूरे भारत में 400 वंदे भारत ट्रेनें चलाने का फैसला किया है।

