उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुए बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के प्रमुख गवाह रहे उमेश पाल और दो गनर की हत्या के मामले में पांच-पांच लाख रुपये के इनामी बदमाश माफिया अतीक के बेटे असद और उसके शूटर गुलाम को एनकाउंटर में एसटीएफ ने 13 अप्रैल को मार गिराया था। इसको लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर हमला बोलते हुए तमाम सवाल खड़े किए थे। इस पर शासन पूरे मामले की जांच के लिए आयोग की टीम गठित की थी। इसमें हाईकोर्ट के रिटायर्ड न्यायमूर्ति राजीव लोचन मेहरोत्रा और रिटायर्ड डीजीपी वीके गुप्ता को शामिल किया गया था।
बता दें कि मंगलवार को टीम जांच के लिए बड़ा गांव पहुंची। उनके साथ एसटीएफ और स्थानीय पुलिस के अलावा फॉरेंसिक टीम भी मौजूद है, जिसने क्राइम सीन रिक्रिएशन कर साक्ष्यों को एकत्र किया है। सीन रिक्रिएशन में जिस तरह चिरगांव की ओर से पीछे लगी एसटीएफ की टीम को चकमा देकर असद व गुलाम कच्चे रास्ते पर भागे और फिर परीछा प्लांट के पास दूसरी तरफ से एसटीएफ टीम के आ जाने पर बाइक पर सवार दोनों खाई में फिसलकर गिरे, यह सब भी दोहराया गया।

