नगर पालिका चुनाव को लेकर जहां सभी पार्टियों ने बहुत मंथन कर जिताऊ प्रत्याशी मैदान में उतरा तो वही हापुड़ में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी द्वारा चेयरमैन का सपना देखना मुमकिन नहीं लग रहा है! अपने ही बनेंगे राह रोड़ा, हापुड़ समाजवादी पार्टी में अंदरूनी कलह लगातार उभर कर सामने आ रही है।
अगर पिलखुवा की बात की जाए तो सपा ने नगर पालिका पिलखुवा से पहले एडवोकेट बिलाल को समाजवादी पार्टी से अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया था तो वही आनन-फानन में एडवोकेट बिलाल का टिकट काटकर प्रवीण प्रताप उर्फ राजा भैया को सपा से अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बना या एडवोकेट बिलाल ने सपा नेताओं पर बड़े गंभीर आरोप भी लगाए, हापुड़ नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए एक बार फिर भूचाल आ गया है।
समाजवादी पार्टी ने अध्यक्ष पद के लिए सपा नेता अनिल आज़ाद की पत्नी सुनीता आज़ाद को प्रत्याशी बनाया और आनन-फानन में समाजवादी पार्टी ने अपने प्रत्याशी को केंसिल कर आजाद समाज पार्टी की प्रत्याशी पूजा को समर्थन दे दिया जिससे नाराज समाजवादी पार्टी के नेता अनिल आज़ाद ने ने जिला अध्यक्ष सहित सपा नेताओं पर भर्ष्टाचार जैसे संगीन आरोप लगाए, हापुड़ जनपद मे समाजवादी पार्टी की अंदरूनी कलह साफ दिखाई दे रही है कहीं ना कहीं इसका असर आने वाले चुनाव पर पड़ेगा।
समाजवादी पार्टी मे अंदरूनी कलह चरम सीमा पर है। समाजवादी पार्टी हापुड़ जिला अध्यक्ष पर भर्ष्टाचार मे लिप्त होने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वार्ड सदस्य से पांच, पांच हजार लेकर सिंबल बाटने का सपा नेता अनिल आज़ाद ने ये गंभीर आरोप सपा पार्टी हापुड़ जिला अध्यक्ष पर लगाएं हैं।
पहले पिलखुवा फिर हापुड़ के सपा प्रत्याशी का टिकिट कटने से नाराज हुए प्रत्याशी उसके बाद पिलखुवा से पहले बुलाल का टिकिट काट प्रवीण प्रताप उर्फ़ राधे भईया को दिया पिलखुवा नगर पालिका अध्यक्ष पद का टिकिट,सपा नेता अनिल आज़ाद की पत्नी सुनीता का टिकिट काट आज़ाद समाज से गठबंधन प्रत्याशी पूजा को समर्थन दिया। सपा नेता अनिल आज़ाद ने दी मानहानि का मुकदमा करने की धमकी। सपा की अंदरूनी कलह वर्तमान प्रत्याशी पर पड़ेगी भारी!

