राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर एक बार फिर पहलवानों ने धरना प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन कर रहे इन पहलवानों में देश के प्रतिष्ठित पहलवान भी है। जो देश के लिए गोल्ड मेडल लाकर देश का नाम रौशन कर चुकें हैं। देश को गौरवान्वित करा चुके हैं। बजरंग पूनिया, साक्षी मालिक समेत कई नामी पहलवान धरने पर बैठे है। बता दें कि पहलवानों के तरफ से प्रेस कांग्रेस करके धरने के बारे में पूरी जानकारी दी गयी है। इस दौरान पहलवान साक्षी मालिक ने कहा कि हमने दो दिन पहले सीपी पुलिस थाने में शिकायत की थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
सात लड़कियों ने एफआईआर की। जिसमें एक लड़की नाबालिग है और पॉस्को के अंदर आती है। मालिक ने आगे कहा कि ढाई महीने हो गए, लेकिन समिति का कोई फैसला नहीं आया है। साक्षी मालिक ने कहा उल्टा हम पर समाज आज झूठे दोष डाल रहा है कि हमने जो पहले धरना प्रदर्शन किया था आरोप लगाए थे सब झूठे थे। ये सब खिलाड़ी खत्म हो चुकें हैं इसलिए ये सब धरना कर के सामने आ रहें। साक्षी ने लोंगो की इस सोच पर बोलते हुए कहा कि अगर हम खत्म हो गए होते तो अभी हाल की गए ओलंपिक में हमने जो गोल्ड मेडल लाए वो भी फर्जी थे।
दरअसल, भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों द्वारा यौन शोषण का आरोप लगाया गया है। दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में इसकी शिकायत की गई है। पुलिस की ओर से इस मामले पर अभी तक एफआइआर दर्ज नहीं किया गया है। बता दें कि पहलवानों ने इससे पहले भी कुश्ती संघ के अध्यक्ष के खिलाफ प्रदर्शन किया था। पिछले प्रदर्शन के दौरान खिलाड़ियों को आश्वासन मिला था कि कार्रवाई की जाएगी लेकिन अब तक कार्रवाई न होने से पहलवान नाराज हैं।
बता दें कि प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पहलवान साक्षी मलिक इमोशनल हो गईं, उनकी आँखों में आंसू आ गए। साक्षी मलिक ने कहा कि हम कुश्ती का और अपने आगे आने वाले खिलाड़ियों का फ्यूचर दांव पर नहीं लगा सकते हैं। 7 लड़कियों में इंटरनेशनल खिलाड़ी भी हैं, नाम नहीं बता सकते। कहा जा रहा है कि हमने सबूत नहीं दिया। साक्षी मलिक ने सवाल करते हुए कहा कि बृजभूषण शरण सिंह से सबूत क्यों नहीं लिया गया ? विक्टिम की पूरी लाइफ है, लड़की अगर आकर खड़ी हो जाएगी तो उसकी क्या लाइफ बचेगी ?
पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा कि जब तक बृजभूषण को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक हम यहां से नहीं जाएंगे। वहीं, विनेश फोगट ने कहा, ‘बार-बार कोशिश करने के बावजूद सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। हम न्याय मिलने तक यहीं खाएंगे और सोएंगे। हम तीन महीने से खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और अन्य संबंधित प्राधिकरण से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। समिति के सदस्य हमें जवाब नहीं दे रहे हैं, खेल मंत्रालय ने भी हमें कुछ नहीं कहा, वे हमारा फोन भी नहीं उठाते। हमने देश के लिए पदक जीते हैं और इसके लिए अपना करियर दांव पर लगा दिया है।’
पहलवानों ने पहले कहा था कि वे कानूनी रास्ता नहीं अपनाना चाहते क्योंकि उन्हें प्रधानमंत्री पर भरोसा है, लेकिन चेतावनी दी थी कि अगर सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो वे पुलिस के पास जाएंगे, उन्होंने कहा कि वे ओलंपियन बबीता फोगट, जो बीजेपी की सदस्य हैं और हरियाणा सरकार का हिस्सा हैं, की मध्यस्थता से खेल मंत्रालय में बातचीत से संतुष्ट नहीं हैं। खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी इस मुद्दे पर पहलवानों से मुलाकात की थी और आरोपों को ‘गंभीर’ बताया था।

