15 अप्रैल दिन शनिवार माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ को जब मेडिकल जांच करवा के जीप से उतारा गया दोनों एक ही हथकड़ी से बंधे हुए थे पुलिस की पूरी सुरक्षा के साथ दोनों आगे बढ़ रहे थे और मीडिया से बात कर रहे थे और जैसे ही अशरफ ने गुड्डू मुस्लिम को लेकर अपने आखिरी शब्द ये बोले मेन बात ये कि गुड्डू मुस्लिम और शूटर्स लवलेश, सनी और अरूण ने ताबड़तोड़ गोलियां माफिया अतीक और अशरफ पर दाग दीं।पहले शूटर ने गन का टारगेट अतीक की खोपड़ी पर रखा और उसे ढेर किया क्योंकि दोंनो साथ एक ही हथकड़ी में बंधे थे तो अशरफ को भी शूटर्स ने ढेर कर दिया।
माफिया अतीक को मरे हुए और दफन हुए बेशक 1हफ्ते का समय बीत गया हो लेकर इस बहुचर्चित हत्याकांड में कई नए नए खुलासे सामने आ रहें हैं। अब पुलिस सूत्रों के मुताबिक जब तीन आरोपी शूटरों ने माफिया ब्रदर्स पर गोली से निशाना साधा तो हत्याकांड की जगह पर दो लोग और मौजूद थे। ये दो लोग इन तीनों को लगातार इंस्ट्रक्शन दे रहे थे। हालांकि, इन दोनों का नाम अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस इसे लेकर फिलहाल जांच कर रही है। अब एसआईटी को इन दोनों की तलाश है।
सूत्रों के मुताबिक, इनमें से एक मददगार प्रयागराज का ही है। इतना ही नहीं इन दोनों ने तीनों शूटरों के रहने-खाने का भी बंदोबस्त किया था और रेकी के दौरान भी इनकी मदद में पूरा साथ दिया था। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई नए खुलासे हो रहे है। हत्याकांड के समय इनका एक साथ अस्पताल परिसर और दूसरा अस्पताल के बाहर ही खड़ा था। हमने आपको पहले ये भी बताया था कि जब अतीक जीप से उतारा गया तो उसने खड़े खड़े ही किसी की तरफ देखा और कुछ इशारा किया तो सूत्रों का ये कहना है कि क्या अतीक उन दो लोंगो को जानता था और उन्हीं की तरफ देखकर उसने इशारा किया था।
पुलिस को शेरे अतीक नाम के व्हाट्सएप ग्रुप का भी पता लगा है। जो कि अतीक के बेटे असद ने बनाया था लेकिन उमेश पाल हत्याकांड को अंजाम देने से पहले ही ग्रुप को डिलीट कर दिया लेकिन अपराधी कितने सूत मिटाने की कोशशि कर लेता है लेकिन पुलिस कुछ कर के सब पता ही लगा लेती है। पुलिस को जो अभी जानकारी मिली है उसके मुताबिक प्रयागराज, कौशांबी और फतेहपुर के करीब 200 युवक मेंबर इस शेरे अतीक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल थे। इस ग्रुप में जुड़े नंबरों की जांच कर पुलिस इन लोगों से पूछताछ की तैयारी भी कर रही है

