पूर्वांचल के चर्चित माफिया अतीक अहमद के अपराध के कारनामे को सरकारी डायरी में दर्ज कर अतीक को सलाखों के पीछे पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाले यूपी के झाँसी जिले के मऊरानीपुर तहसील के ग्राम चुरारी के रहने वाले चर्चित इन्वेस्टिगेशन अफसर नारायण सिंह परिहार ने प्रयागराज जिले में बतौर दरोगा पहला चार्ज मेजा थाने में साल 2006-2007 में लिया था।
तीन महीने बाद सराय दरोगा नारायण सिंह परिहार को ममरेश के थानाध्यक्ष बनाया गया। सराय ममरेश थाने में छह माह के कार्यकाल के बाद नारायण का तबादला सिविल लाइन थाने में बतौर SSI के तौर पर कर दिया गया। फिर क्या था, सिविल लाइन थाने में तैनाती के दौरान नारायण सिंह परिहार को अतीक के मामले में पहली विवेचना वादी मुकदमा सईद अहमद की जमीन पर सांसद अतीक के अवैध कब्जे को लेकर हुए फर्जीवाड़े में सांसद अतीक अहमद ने 28 दुकानें आठ सौ वर्ग मीटर में बनाकर कब्जा कर लिया था।
नारायण परिहार ने अतीक अहमद पर किया बड़ा दावा
साल 2007 में 25 सौ वर्ग मीटर में बनी दुकानों को सांसद अतीक ने गुंडई की दम पर जैन बंधुओ को बेचकर एक करोड़ बैंक ड्राफ्ट और चेक अपने खाते में ट्रांसफर करवाकर भुगतान भी निकाल लिया था जबकि दुकानों के बिकने से मिलने वाला पैसा सईद अहमद को मिलना चाहिए था।
सिविल लाइन थाने में इसी मामले में अतीक पर मुकदमा दर्ज किया गया था। सईद अहमद की तहरीर पर अतीक के खिलाफ इसी मामले में हाई कोर्ट ने अतीक की तीन बार बेल भी कैंसिल की। नारायण सिंह परिहार प्रयागराज में साल 2006 से 2011 तक रहे थे। पहला चार्ज थाना मेजा का, दूसरा चार्ज सराय ममरेश, तीसरा चार्ज शाहगंज थानाध्यक्ष , चौथा चार्ज थानाध्यक्ष करैली, पांचवा चार्ज थानाध्यक्ष कीटगंज का रहा।
नारायण परिहार को तीसरी विवेचना राजू पाल हत्याकांड की मिली, जिसमे सात मुलजिम और नए प्रकाश में आए थे। जिनमे अब्दुल कवि और गुड्डू मुस्लिम भी शामिल था। इससे पहले अब्दुल कवि को पूर्व विवेचक द्वारा इस नाम और पते का कोई व्यक्ति नहीं है कि सांसद अतीक अहमद के प्रभाव में लेकर अब्दुल कवि को राजू पाल हत्याकांड से बाहर कर दिया था। अतीक के छह मुकदमों को विवेचना करने वाले नारायण परिहार का दावा है कि साल 2004, दिसंबर माह में पूर्व विधायक राजू पाल पर अतीक के गुर्गों ने अतीक के भाई के साथ मिलकर जानलेवा हमला किया था। इस मामले की दोबारा जांच होने पर माफिया अशरफ के गुनाहों का लंबा चिट्ठा खुलकर आगे आएगा।

