15 अप्रैल दिन शनिवार माफिया अतीक और अशरफ का काल सामने आया और दोंनो को मौत की नींद सुला दिया जिसके बाद तीनों आरोपी लवलेश, अरूण और सनी को लेकर नए नए खुलासे सामने आ रहें हैं वरिष्ठ पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में एक आरोपी सनी सिंह ने बताया वह लॉरेंस बिश्नोई बनना चाहता था क्योंकि उसके नाम और काम से प्रभावित था।
आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उसने बीते दिनों कई बार लॉरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू देखे थे। सनी सिंह ने बताया कि वह लॉरेंस बिश्नोई के हाल ही में दिए गए इंटरव्यू में हिंदुत्व की बातें करता देख वह काफी प्रभावित हुआ था। जांच में यह बात सामने आई है कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद से ही सनी लॉरेंस बिश्नोई का फैन हो गया था। जहां लोग अच्छे काम कर के नाम कमाने की सोचते हैं तो वहीं ये तीनों आरोपी की सोच बिल्कुल अलग क्राइम की दुनिया में ये तीनों आरोपी नाम कमाना चाहते थे।
पूछताछ में पता चला कि सनी सिंह तीनों शातिर अपराधियों में से सबसे खतरनाक है। सनी सिंह बाकी दोनों आरोपियों को अपने साथ लाया था और हत्या की लिए प्रोत्साहित किया था। वहीं लवलेश भी लड़की को थप्पड़ मारने के मामले में जेल जा चुका है जब लवलेश की मां को पता लगा कि उसने इतने बड़े अपराध को अंजाम दिया है तो वो फूट-फूट कर रोईं और कहा कि मेरा बेटा ऐसा नहीं था जाहिर सी बात है कि किसी भी मां के लिए ये ना गवारा ही होगा कि उसका बेटा कोई गलत काम करे।
अरूण मौर्य को लेकर भी खुलासा हुआ है कि वो एक हिस्ट्रीशीटर रहा है। साल 2014-15 में कासगंज बरेली-फर्रुखाबाद रेलवे मार्ग पर उझयानी और सोरों के मध्य चलती ट्रेन में लूट के बाद सिपाही की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में अरुण जेल गया था और उसके बाद से उसके तार अपराधियों से जुड़ गए और वह लगातार अपराध की दुनिया में बढ़ता चला गया। तीनों आरोपी पहले ही कबूल कर चुकें हैं कि वो बड़े माफिया बनने चाहते थे इसलिए उन्होनें अतीक और अशरफ को मौत के घाट उतार दिया।
अतीक की हत्या के बाद अब ये सवाल सबकी जुबान पर है कि अपराध की दुनिया में अतीक की गद्दी का वारिस कौन बनेगा। अतीक ने जो गैंग तैयार की है, उसका लीडर कौन बनेगा? प्रशासन ने अतीक की 1600 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति कुर्क की, कई अवैध कब्जों पर बुल्डोजर चला। बताते हैं कि इसके बाद भी माफिया के पास अथाह संपत्ति बची हुई थी। ऐसे में अब कौन इस साम्राज्य को संभालेगा? क्योंकि एक बेटे असद को 13 अप्रैल को झांसी में हुई मुठभेड़ में एसटीएफ के हाथों मारा गया था। वहीं बड़ा बेटा उमर लखनऊ जेल में बंद है, बेटा अली प्रयागराज की नैनी जेल में बंद है और अतीक के बाकी दो बेटे अभी नाबालिग हैं, जो अभी प्रयागराज के राजरूपपुर में एक बालसुधार गृह में कैद हैं

