माफिया अतीक अहमद और उसका भाई अशरफ दोनो को एक ही साथ गोलियों से शनिवार 15 अप्रैल की रात भून दिया गया। तीन हमलावर आरोपी लवलेश तिवारी, सनी, और अरूण मौर्य ने अतीक और अशरफ की उस समय गोली मारकर हत्या की जब पुलिस दोनों को मेडिकल कॉलेज लेकर जा रही थी। इस दौरान अतीक और अशरफ चलते-चलते पत्रकारों के सवालों का जवाब भी दे रहे थे। तभी पत्रकारों के भेष में आए तीन हमलावरों ने पहले अतीक को गोली मारी फिर उसके भाई अशरफ को कोई कुछ समझ पाता इससे पहले ही हमलावरों दोनों पर बिना रुके कई गोलियां चला दीं हमलावरों ने घटना स्थल पर ही पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया।
माफिया अतीक अहमद और अशरफ की पुलिस और मीडिया के सामने इस तरह हत्या हो जाना के बाद से कई सारे सवाल खड़े हो रहे हैं। कई जानकारों का मानना है कि अतीक और अशरफ की हत्या के पीछे एक बड़ी साजिश है माना ये भी जा रहा है कि अगर अतीक जिंदा होता तो अब तक बड़े लोगों के नाम पुलिस के सामने उगल चुका होता। बताया जा रहा है कि अतीक अपने बटे असद की मौत के बाद से काफी टूट गया था। दोनों से पूछताछ भी जारी थी और जैसे-जैसे पूछाताछ आगे बढ़ रही थी वैसे-वैसे कई बड़े खुलासे भी हो रहे थे। ऐसे में इस दुस्साहसिक दोहरे हत्याकांड के पीछे शक की सुई रसूखदार सफेदपोशों की ओर घूमने लगी है।
बता दें कि एक दिन पहले ही धूमनगंज थाने में हुई पूछताछ में माफिया ने कई बिल्डरों और बड़े लोगों से अपने रिश्तों का खुलासा किया था। आशंका है कि राज खुलने के डर से माफिया और उसके भाई की हत्या की गई है। फिलहाल पुलिस भी इस पहलू पर पैनी नजर रखे हुए है।
अतीक अहमद ने रिमांड के दौरान कई सनसनीखेज खुलासे किए और प्रयागराज समेत यूपी भर में अपनी काली कमाई के बल पर खड़े किए गए आर्थिक साम्राज्य में साझीदार के तौर पर कई बड़े लोगों के नाम गिनाए थे। यह वो लोग हैं जिन्होंने अतीक के काले धन को अपनी कंपनियों में लगाया है। वहीं ऐसी 200 से अधिक फर्जी कंपनियों के बारे में भी पता चला था। रियल एस्टेट कारोबार में अतीक की कमाई खपाने वालों के अलावा कई सफेदपोशों तक आंच आने लगी थी। इस तरह के 50 से अधिक नामों का अतीक ने पुलिस के सामने खुलासा किया था। आपको बता दें अपराध की दुनिया में दखल रखने वाले माफिया के कई राजनीतिक दलों के नेताओं से भी रिश्ते रहे हैं।
अतीक राजनीतिक दलों को साधने में भी बखूबी माहिर था। यही वजह थी कि दो दशकों तक उसकी अंगुलियों पर सरकारें नाचती रहीं और आला पुलिस अधिकारी उसके सियासी रसूख के आगे घुटने टेकते रहे। बता दें कि अतीक के अपराधों की भी लंबी सूची रही है। एक के बाद एक हत्या, अपहरण, जमीन पर कब्जा, हत्या के प्रयास और सौ से अधिक वारदात को अंजाम देने वाले अतीक ने क्षेत्रीय दलों की सरकारों को अपनी अंगुलियों पर नचाया था। अतीक और अशरफ की मौत के बाद अब ये सवाल उठना तो लाज्मी है कि क्या राज खुलने के डर से माफिया अतीक और अशरफ को मौत की नींद सुलाया गया है।
जनकारी के मुताबिक अतीक और उनके परिवार की 11,684 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई है। प्रयागराज जिला प्रशासन के अनुसार, अतीक और उसके दोस्तों ने जबरन 751 करोड़ की संपत्ति पर कब्जा कर रखा था। गैंगस्टर एक्ट की शर्तों के तहत बीएसपी नेता प्रवीण की भी 8 करोड़ रुपये की संपत्ति पुलिस ने जब्त कर ली है। वहीं प्रवर्तन निदेशालय को हाल ही में अतीक अहमद के घर से 200 बैंक खातों और करोड़ों की संपत्ति से जुड़े कागजात मिले थे। वहीं अशरफ के पास भी 27.33 करोड़ रुपये की संपत्ति थी जो पुलिस ने जब्त कर ली है।

