उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कल हुई माफिया ब्रदर्स की हत्या के मामले में तीन हमलावरों को पुलिस ने मौके में दबोचा था उन में एक हमीरपुर जनपद के कुरारा थाना कस्बे का रहने वाला सनी उर्फ पुराने सिंह है जिसके खिलाफ थाना कुरारा में 14 संगीन धाराओं में मामला दर्ज है जिसमे धारा 307,3/25,8/20,18/20,जैसे गंभीर मामलों में मुकदमा दर्ज है सनी उर्फ पुराने सिंह ने 2016 में कुरारा ही पुलिस के साथ शनि की मुठभेड़ हुई थी जिसको लेकर के पुराना पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।।
प्रयागराज में हुए माफिया अतीक – अशरफ के दोहरे हत्याकांड मामले में शूटर सनी सिंह का आपराधिक इतिहास आया सामने , सनी सिंह पर कुरारा थाने में 14 मुकदमे हैं दर्ज , 2016 में पुलिस के ऊपर भी की थी फायरिंग , हमीरपुर जेल में बंद रहते समय कई बड़े अपराधियों व गैंस्टर से बनाये थे संबंध , सूत्रों के अनुसार उस समय पश्चिम यूपी के दुर्दांत माफिया सुंदर भाटी से भी हुई थी सनी सिंह की मुलाकात , सनी सिंह पर पहले भी लगते रहे हैं सुंदर भाटी गैंग के लिए काम करने के आरोप हैं।

भाई पिंटू ने बताया कि वो बीते 10 साल से अपने घर नहीं आया है। सनी के पिता जगत सिंह और मां की मौत हो चुकी है। ‘यह कुछ नहीं करता था और इसके ऊपर पहले से भी मामले दर्ज़ हैं। हम लोग 3 भाई थे जिसमें से एक की मृत्यु हो गई। यह ऐसे ही घूमता-फिरता रहता था और फालतू के काम करता रहता था। हम उससे अलग रहते हैं और बचपन में ही भाग गया था।
वहीं दूसरे आरोपी लवलेश को लेकर भी ये खबर सामने आई है कि वो पहले भी किसी मामले में जेल जा चुका है। लवलेश के पिता ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हमसे उसका कोई मतलब नहीं था। वह कभी-कभी ही घर आता-जाता था। 5-6 दिन पहले ही बांदा आया था। लवलेश के खिलाफ चार पुलिस केस हैं। इनमें पहले मामले में उसे एक महीने की सजा हुई थी। दूसरा मामला लड़की को थप्पड़ मारने का था, उसमें डेढ़ साल की जेल हुई थी, तीसरा मामला शराब से जुड़ा हुआ था, इसके अलावा एक और मामला है।
अतीक और अशरफ को मौत की नींद सुलाने वाले तीनों आरोपी लवलेश तिवारी, सनी, और अरूण मौर्य ने हत्याकांड को अंजाम देने से 48 घंटे पहले ही होटल में डेरा जमा लिया था। सवाल ये खड़ा होता है कि जब 48 घंटे से आरोपी प्रयागराज में अतीक और अशरफ को मौत के घाट उतारने वाले थे तो होटल वालों को उनकी संदिग्ध गतिविधि का पता कैसे नहीं लग पाया और इतने इतने साल से आरोपी अपने परिवार से अलग रह भी रहे थे तो परिजनों को उनके गलत काम की जरा भी भनक नहीं थी?

