आखिरी शब्द ‘मेन बात ये है कि गुड्डू मुस्लिम’ और बस फिर धांय धांय गोलीबारी और ढेर हो गया माफिया अतीक और उसका भाई अशरफ , तीन हमलावरों ने दोनों की मेडिकल कॉलेज के पास हत्या की हमला करने वाले तीन लोगों ने जय श्रीराम के नारे लगाते हुए फायरिंग की थी। इसके बाद खुद को आत्मसर्मपण कर दिया। पुलिस सुरक्षा घेरे में घुसकर हमलावरों ने कई राउंड फायरिंग की अंधाधुंध फायरिंग से पुलिसकर्मियों में भी भगदड़ मच गई। कई गोलियां लगने से अतीक और अशरद मौके पर ही गिर गए।
जिन तीनों आरोपियों ने माफिया अतीक और अशरफ को मिट्टी में मिलाया उनका नाम लवलेश तिवारी, सनी, और अरूण मौर्य हैं। मीडिया की फेक आईडी लेकर तीनों दाखिल हुए और प्रोफेशनल तरीके से गोलीबारी। सीधे कनपटी पर अतीक के बंदूक रखी और चंद ही संकेड में तड़ तड़ फायरिंग कर दोंनो को ढेर कर दिया। इसके बाद तीनों ने सेरेंडर कर दिया और उनमें से एक आरोपी ने तो जमीन पर लेटकर जय श्रीराम के नारे तक लगा डाले जिसके बाद कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
वहीं प्रयागराज के धूमनगंज थाने में भी शनिवार की रात भी फायरिंग हुई। बाप अतीक और चाचा अशरफ की हत्या की खबर सुन लखनऊ जेल में बंद अतीक का बड़ा बेटा उमर अहमद बेहोश हो गया। बाहुबली अतीक अहमद के बेटे उमर अहमद प्रॉपर्टी डीलर मोहित जायसवाल के साथ मारपीट और अपहरण के मामले में आरोपी है।
घटनास्थल पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया है, और रात से ही यूपी पूरे यूपी में धारा 144 लागू हो गई है। अपने बेटे असद के जनाज़े में तो शामिल नहीं हो सका अतीक लेकिन उसके पास जरूर पहुंच गया। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावरों ने सरेंडर कर दिया। पुलिस फिलहाल उनसे पूछताछ कर रही है। हमले के वक्त अतीक और अशरफ को मेडिकल के लिए प्रयागराज के काल्विन अस्पताल ले जाया जा रहा था तभी गोलियां से दोंनो को भून दिया गया ऐसा पहली बार है जब ऑन कैमरा डबल मर्डर किया गया हो।
वहीं अब इसके बाद राजनीति शुरू हो गई है विपक्ष सीएम योगी और कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शेर लिखकर सवाल पूछा है कि कानून का राज कायम है या बंदूक का राज आ गया है।

अतीक और अशरफ की हत्या पर राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल का बयान आया है। काउंसिल की तरफ से कहा गया है कि जब दर्जनों कैमरे और पत्रकारों के सामने अपराधी बेखौफ होकर एक पूर्व सांसद और विधायक को आधा दर्जन गोलियां मारने के बाद नारेबाजी करते हैं तो क्या ये लॉ एंड ऑर्डर को चुनौती नहीं है? काउंसिल की तरफ से कहा गया है कि जब न्याय व्यवस्था के खिलाफ एनकाउंटर कल्चर की वाहवाही होगी, तो ऐसे अपराधियों को ही बढ़ावा मिलेगा। वहीं, आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह बड़े माफिया बनना चाहते थे।
पुलिस कस्टडी में, कैमरे के सामने अपराधी बेखौफ पूर्व MP/MLA को गोली मार देते हैं तो क्या ये Law & Order को चुनौती देना नही है? जब स्थापित न्याय व्यवस्था के विरुद्ध एनकाउंटर कल्चर की वाहवाही होगी तो ऐसे अपराधियों को बढ़ावा मिलेगा। RUC सालों से इस कल्चर के विरुद्ध आवाज़ उठा रही है।
— Rashtriya Ulama Council (RUC) (@RUConline) April 15, 2023
पुलिस कस्टडी में, कैमरे के सामने अपराधी बेखौफ पूर्व MP/MLA को गोली मार देते हैं तो क्या ये Law & Order को चुनौती देना नही है? जब स्थापित न्याय व्यवस्था के विरुद्ध एनकाउंटर कल्चर की वाहवाही होगी तो ऐसे अपराधियों को बढ़ावा मिलेगा। RUC सालों से इस कल्चर के विरुद्ध आवाज़ उठा रही है।
— Rashtriya Ulama Council (RUC) (@RUConline) April 15, 2023
सीएम योगी ने DGP को निर्देश दिए हैं कि प्रयागराज पुलिस के अलावा एसटीएफ भी घटनास्थल से सुबूत इकट्ठा करे। मौके पर रैपिड एक्शन फोर्स और PAC की तैनाती भी की गई है। डीजीपी आरके विश्वकर्मा और स्पेशल डीजी कानून-व्यवस्था एवं अपराध प्रशांत कुमार को पूरे घटनाक्रम की गहनता से मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में एसटीएफ प्रयागराज की स्पेशल टीम भी पूछताछ कर रही है।
बसपा चीफ मायावती ने अतीक और अशरफ के हत्याकांड के बाद कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि गुजरात जेल से अतीक अहमद व बरेली जेल से लाए गए उनके भाई अशरफ की प्रयागराज में कल रात पुलिस हिरासत में ही खुलेआम गोली मारकर हुई हत्या। उमेश पाल जघन्य हत्याकाण्ड की तरह ही, यूपी सरकार की कानून-व्यवस्था व उसकी कार्यप्रणाली पर अनेकों गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े करती है।
2. देश भर में चर्चित इस अति-गंभीर व अति-चिन्तनीय घटना का माननीय सुप्रीम कोर्ट अगर स्वंय ही संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करे तो बेहतर। वैसे भी उत्तर प्रदेश में ’’कानून द्वारा कानून के राज’’ के बजाय, अब इसका इण्काउण्टर प्रदेश बन जाना कितना उचित? सोचने की बात।
— Mayawati (@Mayawati) April 16, 2023
देश भर में चर्चित इस अति-गंभीर व अति-चिन्तनीय घटना का माननीय सुप्रीम कोर्ट अगर स्वंय ही संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करे तो बेहतर है। वैसे भी उत्तर प्रदेश में कानून द्वारा कानून के राज के बजाय, अब इसका इण्काउंटर प्रदेश बन जाना कितना उचित? सोचने की बात।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी ट्विट के जरिए सीएम योगी पर निशाना साधते हुए कहा उप्र में अपराध की पराकाष्ठा हो गयी है और अपराधियों के हौसले बुलंद है। जब पुलिस के सुरक्षा घेरे के बीच सरेआम गोलीबारी करके किसीकी हत्या की जा सकती है तो आम जनता की सुरक्षा का क्या। इससे जनता के बीच भय का वातावरण बन रहा है, ऐसा लगता है कुछ लोग जानबूझकर ऐसा वातावरण बना रहे हैं।
उप्र में अपराध की पराकाष्ठा हो गयी है और अपराधियों के हौसले बुलंद है। जब पुलिस के सुरक्षा घेरे के बीच सरेआम गोलीबारी करके किसीकी हत्या की जा सकती है तो आम जनता की सुरक्षा का क्या। इससे जनता के बीच भय का वातावरण बन रहा है, ऐसा लगता है कुछ लोग जानबूझकर ऐसा वातावरण बना रहे हैं।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 15, 2023
अतीक और अशरफ की हत्या के बाद इस मामले पर सीएम योगी ने हर 2 घंटे में अधिकारियों को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अपने पहले से तय सभी कार्यक्रम टाल दिए हैं। वह आज दिनभर सिर्फ इस हत्याकांड के आगे की कार्रवाई पर ही फोकस करेंगे। किसी के भी सीएम आवास आने-जाने पर रोक लगा दी गई है।

