उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के जहूराबाद सीट से विधायक और सुहेल देव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर आज गाजीपुर की एमपी एमएलए कोर्ट में अपने दोनों बेटों के संग जमानत कराने पहुंचे। दरअसल ओमप्रकाश राजभर और उनके दोनों बेटों पर पिछले साल 2022 में आरोप लगा कि वे अपने ही विधानसभा क्षेत्र के करीमुद्दीनपुर थाने में गांव समाज के जमीन पर कब्ज़ा कर लिए है। अब वे इसी मामले में आज अपने बेटों के साथ जमानत कराने कोर्ट गए थे।
जमानत कराने के बाद ओमप्रकाश राजभर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वर्तमान भारतीय जनता पार्टी सरकार के इशारे पर मेरे और मेरे दोनों बेटों अरविंद व अरुण राजभर के ऊपर ये फर्जी मुकदमा लगाया गया था, वहीं उन्होंने बताया कि यूपी में नगर निकाय का चुनाव वह अकेले दम पर लड़ने जा रहे हैं, और जहां जहां उनकी पार्टी मजबूत है वहां वे अकेले दम पर प्रत्याशी उतारेंगे। उन्होंने साफ किया कि अभी लोकसभा के लिए किसी से गठबंधन नहीं है, हालांकि उन्होंने समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी पर जमकर हमला बोला और कहा कि यह दोनों पार्टियों की जब सरकार थी तो इन लोगो ने गरीबों, दलितों और मजदूरों का हक नहीं दिया और आज सब पिछड़ों, दलितों और पसमांदा मुस्लिमों की बात वोट लेने के लिए कर रहे हैं।
भाजपा नेताओं से अच्छे संबंध
वहीं उन्होंने भारतीय जनता पार्टी से गठबंधन की बात पर कहा कि गठबंधन दिल्ली से तय होता है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भाजपा में उनके बृजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्या सरीखे दर्जनों नेताओं से अच्छे संबंध हैं और उनकी फोटो दिल्ली के बड़े – बड़े नेताओं के साथ भी है, लेकिन गठबंधन वो किस से करेंगे यह अभी तय नहीं है। वहीं उन्होंने लोकसभा चुनावों में अपने वोट बैंक की ताकत बताते हुए कहा कि हमने भाजपा के साथ गठबंधन किया तो उसे भी वोट दिलवाया और सपा के साथ किया तो उसे भी वोट दिलवाया। इसलिए लोकसभा में वो जिसकी जितनी भागीदारी उसकी उतनी भागीदारी के तर्ज पर सीट मांगेंगे, उन्होंने हंस कर कहा कि तोप मांगेंगे तभी तो कट्टा भी मिलेगा।
मुख्तार अंसारी से संबंधों को स्वीकारा
बता दें कि राजभर ने साफ कर दिया कि जिससे भी वे गठबंधन करेंगे उससे लोकसभा की सीटों पर अपने वोट बैंक के आधार पर सीट मांगेंगे। वहीं उन्होंने गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी और उनके भाई मुख्तार अंसारी से भी अपने संबंधों को स्वीकारा और कहा कि उनकी पार्टी में आने से पहले अब्बास या अंसारी परिवार के ऊपर जो मुकदमे थे, उन्हीं पर कार्रवाई हो रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कोर्ट से हो रही सजा चाहे वो अफजाल अंसारी हो, मुख्तार अंसारी हो या राहुल गांधी सरीखे नेता हो, उसे वह सही नहीं मानते उनका मानना है कि अगर नेता जनप्रतिनिधि है तो वह जनता के लिए लड़ेगा ही, और ऐसे में उसके ऊपर अगर मुकदमा हो जाए और उसे सजा हो जाए तो यह कानून लोकतांत्रिक व्यवस्था में ठीक नहीं है।
लीडर और लोडर का फर्क समझना चाहिए
वहीं उन्होंने समाजवादी पार्टी के लीडर राम अचल राजभर के हालिया बयानों पर भी तंज कसते हुए कहा कि लीडर और लोडर का फर्क उन्हें समझना चाहिए, और एक लोडर लीडर पर अगर कोई बात करता है तो यह हास्यास्पद है। उन्होंने आगे कहा कि आज सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के ही दमखम का असर है कि गाजीपुर से सुहेलदेव के नाम से ट्रेन चल रही है और डाक टिकट जारी हुआ है, समाज में राजभरो का सम्मान बढा है। वहीं उन्होंने बीजेपी नेताओं के डबल और ट्रिपल इंजन सरकार वाले बयान को जुमला बताया और उन्होंने कहा जो काम करेगा जनता उसे ही वोट देगी।

