राजनीति में नेता अपने बयानबाज़ी से अक्सर फंस जाते हैं। एक बार फिर अभद्र टिप्पणी को लेकर भाजपा के के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय अपने बयान को लेकर फंसते हुए दिखाए दे रहें हैं। दरअसल विजयवर्गीय ने हनुमान जयंती के दिन महिलाओं के कपड़े पहनने को लेकर विवादित टिप्पणी कर दी जिसके बाद से अब वो फंसते नजर आ रहें हैं। विपक्ष ने भाजपा पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
कैलाश विजयवर्गीय ने हनुमान जयंती के दिन कार्यक्रम में कहा था कि ‘मैं आज जब सड़क पर निकलता हूं, पढ़े-लिखे नौजवानों को झूमते हुए देखता हूं तो सच में ऐसी इच्छा होती है कि उतर पांच-सात रख के ऐसी दूं कि उनका नशा उतर जाए. सच कह रहा हूं, कसम से हनुमान जयंती पर झूठ नहीं बोल रहा हूं।
आजकल लड़कियां भी इतने गंदे कपड़े पहनकर निकलती हैं कि….अपन महिलाओं को देवी बोलते हैं, लेकिन उनमें देवी का स्वरुप ही नहीं दिखता है। बिल्कुल शूर्पणखा लगती है, सच में अच्छा सुंदर भगवान ने शरीर दिया है। जरा अच्छा कपड़ा पहनो यार। बच्चों में आप संस्कार डालिए। मैं बहुत चिंतित हूं”
कार्यक्रम में विजयवर्गीय ने ये भी कहा कि हमारा आज का युवा नशे जैसी बुरी चीज़ो में फंसता जा रहा है कल का देश का भविष्य मुझे संकट में दिखाई दे रहा है। इसलिए अभिभावकों से मेरा निवेदन है कि वो बच्चों को अच्छे संस्कार दें। कार्यक्रम में विजयवर्गीय ने युवाओं का आह्वान भी किया और कहा कि वे इस देश के भविष्य हैं,उनका आचरण मर्यादित और संतुलित होगा तो राष्ट्र में उनका स्वर्णिम योगदान हो सकेगा। बता दें ये पहली बार नहीं है जब भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय इस तरह के विवादित बयान देकर फंसे हों इससे पहले भी वो कई बयानबाज़ी कर के फंस चुकें हैं।

