भाजपा ने केरल के बाद अब आंध्र प्रदेश में भी कांग्रेस को एक बहुत बड़ा झटका दिया है। दरअसल अविभाजित आंध्र प्रदेश के आखिरी मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता रहे किरण कुमार रेड्डी ने आज शुक्रवार को भाजपा में शामिल होने का एलान कर दिया। भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद मीडिया को सम्बोधित करते हुए रेड्डी ने कांग्रेस पर कई आरोप लगाए। उन्होंने इस दौरान कहा कि मैं कांग्रेस के लिए कहना चाहूंगा कि कांग्रेस पार्टी लोगों के मत को नहीं समझ पा रही है. कांग्रेस पार्टी न तो विश्लेषण कर रही है कि गलती क्या है और न ही वे सही करना चाहते हैं।
पार्टी छोड़ने की बताई वजह
रेड्डी ने कांग्रेस छोड़ने की वजह बताते हुए कहा कि वह यही सोचते हैं कि मैं ही सही हूं और देश की जनता सहित बाकी सब गलत हैं। इसी विचारधारा कि वजह से मैंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया है। आंध्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके लिए एक पुरानी कहानी है कि मेरा राजा बहुत बुद्धिमान है। वह अपने आप नहीं सोचता और न ही किसी का सुझाव मानता है। आप सबको पता चल गया होगा कि मैं क्या कहना चाहता हूं।
उन्होंने आगे कहा कि कहा कि उनका परिवार 1952 से कांग्रेस से जुड़ा रहा है। उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि वे कांग्रेस छोड़ेंगे लेकिन कांग्रेस हाईकमान के गलत फैसले से पार्टी का बहुत नुकसान हुआ है।
आगामी लोकसभा चुनाव में रेड्डी की क्या रहेगी भूमिका
बता दें कि शुक्रवार को केन्द्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने किरण रेड्डी को भाजपा की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर प्रह्लाद जोशी ने कहा कि किरण कुमार रेड्डी, प्रधानमंत्री मोदी से काफी प्रभावित हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई को वे मजबूती देंगे। एक विधायक और मंत्री के रूप में उनकी छवि बहुत साफ रही है। आंध्र प्रदेश में भाजपा के लिए यह एक बड़ा बढ़ावा होगा।
बहरहाल, संयुक्त आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे किरण कुमार रेड्डी ने कुछ दिनों पहले ही कांग्रेस से इस्तीफा दिया था और आज भाजपा में शामिल भी हो गए। अब देखने वाली बात यह होगी कि भाजपा किरण कुमार रेड्डी को क्या जिम्मेदारी देती है। आगामी लोकसभा चुनाव में उनकी क्या भूमिका रहेगी इसपर सबकी निगाहे जरूर टिकी रहेंगी।

