दिल्ली शराबकांड मामले में मनीष सिसोदिया जेल से बैठे बैठे ही प्रधानमंत्री मोदी पर हमलावर हो रहें। सिसोदिया ने जेल से पीएम पर निशाना साधते हुए चिट्ठी लिखी है, इस चिट्ठी में उन्होनें लिखा है- प्रधानमंत्री का कम पढ़ा लिखा होना देश के लिए खतरनाक है। सिसोदिया ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी शिक्षा का महत्व नहीं समझते हैं और पिछले कुछ सालों में उन्होंने देशभर में 60 हजार स्कूल बंद किए गए हैं।
सिसोदिया ने पीएम पर तंज कसते हुए कहा, देश की तरक्की के लिए प्रधानमंत्री का पढ़ा लिखा होना जरूरी है. सिसोदिया ने अपनी चिट्ठी में लिखा, पीएम जब यह बात कहते हैं कि गंदी नाली से गैस निकाल कर चाय बनाई जा सकती है तब मेरा दिल बैठ जाता है।

बता दें ये पहली बार नहीं है ज सिसोदिया ने पीएम मोदी पर चिट्ठी के जरिए निशाना साधा हो इससे पहले भी उन्होनें जेल से चिट्ठी लिखकर भाजपा पर निशाना साधा था। सियासत में ये पहली बार नहीं जब इस तरह से जंग छिड़ी हो चुनाव आते ही सभी पार्टियां अपना दमखम लगाने में जुट जाती हैं और राजनीति का माहौल महाभारत के युद्धभूमि की तरह हो जाता है।
पोस्टर वॉर से छिड़ी ये AAP और BJP की जंग अब लेटर वॉर के रूप में शुरू हो चुकी है। सिसोदिया ने पीएम मोदी के खिलाफ चिट्ठी में आगे लिखा, आज देश का युवा महत्वाकांक्षी है, वो कुछ करना चाहता है और वो अवसर की तलाश है वो दुनिया जीतना चाहता है. साइंस और टेक्नॉलॉजी के क्षेत्र में वो कमाल करना चाहता है. क्या एक कम पढ़ा-लिखा प्रधानमंत्री आज के युवा के सपनों को पूरा करने की क्षमता रखता है?
हाल के सालों में देश भर में 80 हजार सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए क्यों? एक तरफ देश की आबादी बढ़ रही है तो सरकारी स्कूलों की संख्या भी तो बढ़नी चाहिए थी?

