दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी आज यानी 6 अप्रैल को अपना 44वां स्थापना दिवस मना रही है। साल 1980 में आज ही के दिन भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई थी। बता दें कि इससे पहले भाजपा का नाम जनसंघ था। जिसे 1977 में जनता पार्टी में विलय कर दिया गया था। आज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी के स्थापना दिवस के मौके पर ध्वजारोहण किया। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर के भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम सभी अपनी पार्टी का स्थापना दिवस मना रहे हैं। मां भारती की सेवा में समर्पित प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता को मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं। उन्होंने इस दौरान भारतीय जनता पार्टी की नींव रखने वाले संस्थापकों से लेकर छोटे से छोटे कार्यकर्ता तक को धन्यवाद कहा और शीश झुका कर प्रणाम किया।
हनुमान जन्मोत्सव पर कही यह बात
आज हनुमान जन्मोत्सव है जिसे पूरा देश बड़े धूम – धाम से मना रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सम्बोधन में सभी को बधाई दिया और कहा कि हम देश के कोने-कोने में भगवान हनुमान जी की जन्म जयंती मना रहे हैं। हनुमान जी का जीवन और उनके जीवन के प्रमुख प्रसंग आज भी हमें पुरषार्थ के लिए प्रेरित करते हैं। भारत की विकास यात्रा के लिए प्रेरणा देते हैं। हनुमान जी के पास असीम शक्ति है लेकिन इस शक्ति का इस्तेमाल वो तभी कर पाते हैं जब स्वयं पर से उनका शंका खत्म हो जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि 2014 से पहले भारत की भी यही स्थिति थी, लेकिन आज भारत बजरंगबली जी की तरह अपने भीतर सूक्त शक्तियों का आभास कर चुका है। आज भारत समंदर जैसी विशाल चुनौतियों को पार करने और उनका मुकाबला करने में पहले से ज्यादा सक्षम है।
‘कवन सो काज कठिन जग माहीं, जो नहीं होय तात तुम्ह पाही’
प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान एक चौपाई दोहराते हुए कहा कि ‘कवन सो काज कठिन जग माहीं, जो नहीं होय तात तुम्ह पाही’ इसका अर्थ है ऐसा कोई भी काम नहीं है जो पवन पुत्र हनुमान नहीं कर सकते। जब लक्ष्मण जी पर संकट आया था तब हनुमान जी ने पूरा पर्वत ही उठा लाए थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा भाजपा भी इसी प्रेरणा से परिणाम लाने में लोगों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करती रही है, करते रहना है, करते रहेंगे।
भ्रष्टाचार को लेकर कही यह बात
प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भ्रष्टाचार का भी जिक्र किए। उन्होंने कहा कि जब हनुमान जी को राक्षसों का सामना करना पड़ा था तो वो उतने ही कठोर भी हो गए थे। ठीक उसी प्रकार से जब भ्रष्टाचार की बात आती है, जब परिवारवाद की बात आती है, कानून व्यवस्था की बात आती है तो भाजपा उतनी ही संकल्पबद्ध हो जाती है। मां भारती को इन बुराइयों से मुक्ति दिलाने के लिए कठोर होना पड़े तो कठोर हों।

