आस्था को लेकर आजकल देश में माहौल काफी गरमाया हुआ है। अभी बाबा बागेश्वर के धीरेंद्र स्वामी ने साईं बाबा को लेकर विवादित टिप्पणी का मुद्दा शांत नहीं हुआ था कि अब सपा के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद ने आग में घी डालने वाला काम कर दिया है उन्होनें हिन्दू की आस्था को ठेस पहुंचा दी है जिसके बाद बवाल मचना शुरू हो चुका है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने हिन्दू के प्रमुख भगवान श्रीराम पर विवादित टिप्पणी कर दी है जिसको लेकर अब हिंदू युवा वाहिनी स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ रायबरेली के थाने में तहरीर दी है।
रायबरेली में सोमवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की रैली के दौरान स्वामी प्रसाद ने भगवान श्रीराम पर टिप्पणी करते हुए हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंचाई। मौर्य ने कहा ‘मिले मुलायम कांशीराम हवा में उड़ गए जय श्रीराम’। इसके जरिए सभी सनातनी समाज को आहत हो गया है और मौर्य के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया है। हालांकि ये बयान पहले 90 के दशक में ये नारा दिया था उसी को कॉपी करके आज स्वामी प्रसाद मौर्य ने इसको दोहराया तो आफत के बादल उनके ऊपर छाने लगें हैं क्योंकि लोंगो की आस्था पर ये काफी विवादित टिप्पणी है।
जब ये टिप्पणी 90 के दशक में मुलायम और कांशीराम ने की थी तब पूर्ण बहुमत के साथ उत्तरप्रदेश विधानसभा का चुनाव जीतने के लिए ये तकनीक अपनाई थी लेकिन अब भाजपा की सरकार जो खुद हिन्दु आस्था को बढ़ावा देती है और भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण को लेकर छाई रहती है अब उसी पर सपा के महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य ने विवादित टिप्पणी कर जंग छेड़ दी है। भगवान के नाम पर मौर्य की ये टिप्पणी पहली बार नहीं है इससे पहले भी उन्होनें रामचरितमानस को लेकर लोंगो के धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाया था।
मौर्य ने रामचरितमानस को लेकर कहा था कि रामचरितमानस में दलितों और महिलाओं का अपमान किया गया है। तुलसीदास ने ग्रंथ को अपनी खुशी के लिए लिखा था। करोड़ों लोग इसे नहीं पढ़ते। इस ग्रंथ को बकवास बताते हुए कहा कि सरकार को इस पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए।

