एक बार फिर कोरोना ने देश में अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। लगातार बढ़ते हुए कोरोना के मामले अब डराने लगें हैं। शनिवार 1अप्रैल को देश में कोरोना के 3824 नए केस दर्ज किए गए। रोजाना मामलों के हिसाब से ये 6 महीने में सबसे ज्यादा संख्या है। वहीं, पिछले सात दिनों में कोरोना के मामलों में जिस तरह वृद्धि हुई है वह तीसरी लहर के बाद सबसे ज्यादा है।
भारत ने पिछले सप्ताह 26मार्च से लेकर 1 अप्रैल के दौरान 18,450 नए मामले दर्ज किए गए हैं। जब पहले कोरोना की तीसरी लहर ने अपना प्रकोप दिखाया था तब इतने केस एक सप्ताह में ही रोजाना के आंकड़े दोगुने बढ़ जा रहे थे। हालांकि इस बार कोरोना के मामलों में होने वाली मौत का आंकड़ा मामूली वृद्धि पर है। प्रशासन और डॉक्टर ने सावधान रहने की हिदायत देते हुए पहले की तरह प्रोटोकॉल फॉलो करने को कहा है।
केंद्र सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देश में छह राज्यों के बारे में कहा गया है, जहां कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। इसमें महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक शामिल हैं। महाराष्ट्र में कोरोना के मामले बढ़ने के दो-तीन सप्ताह के बाद दिल्ली में भी केस बढ़ने शुरू हो जाते हैं। मेट्रोपॉलिटन का पैटर्न एक जैसा होता है। जिस तरह से मुंबई में अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स ज्यादा आती हैं, उसी तरह दिल्ली में भी अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स का आना-जाना बहुत अधिक होता है।
ऐसे में इन छह राज्यों में स्वास्थ्य विभाग खास निगरनी रखे हुए है अस्पताल प्रशासन को पूरी मुस्तैदी के साथ तैयारियों को बरकरार रखने के निर्देश दिए गए हैं। कोरोना के साथ साथ देश में H3N2 इनफ्लुएंजा बीमारी ने भी अटैक किया हुआ है तो ऐसे में सरकार ने ऐसे लोगों खास सावधान रहने के लिए कहा है। मौसम के बदलाव से वायरल इंफेक्शन तेजी से देश में फैल रहा है कुछ मरीज तो ऐसे भी सामने आ रहें जिन्हें जिन्हें ऑक्सीजन बेड पर भर्ती करना पड़ रहा है।
डॉक्टरों का कहना है कि इंफ्लुएंजा का रूप बदल रहा है। यह पहले से ज्यादा घातक है और कोविड की तरह तेजी से फैल रहा है। यही वजह है कि इंफ्लुएंजा को लेकर दिल्ली सरकार की चिंता बढ़ गई है और इसी कारण शनिवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक बुलाई गई है और मास्क लगाने को अनिवार्य कर दिया गया है।

