उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज शनिवार को स्कूल चलो अभियान और संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री के साथ इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। अभियान के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश हमेशा से ही शिक्षा का केंद्र रहा है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश विज्ञान और शिक्षा का केंद्र रहा है लेकिन पिछली सरकारों की वजह से अव्यवस्था, भ्रष्टाचार हावी हो गया। हमारी पहचान बदल गयी थी।
बेसिक शिक्षा में एक लाख 60 हजार शिक्षकों की भर्ती
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि स्कूल चलो अभियान पहली बार जुलाई 2017 में आरंभ किया गया था। पहले स्कूलों में बच्चों की संख्या घट रही थी। स्कूल छोड़ कर जा रहे थे। आज बेसिक स्कूलों में एक करोड़ 92 लाख बच्चे हो गए हैं। स्कूल छोड़ने की वजह स्कूल में जर्जर दीवार, नल न होना, शौचालय न होना और शिक्षकों की कमी थी। यह प्रदेश के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा था। हमारी सरकार में बच्चों को स्कूल बैग, पुस्तकें, जूता, मोजा, ड्रेस दिया गया। उन्होंने आगे कहा कि अब बच्चे स्कूल में ही नहीं आ रहे बल्कि वह अच्छा प्रदर्शन भी कर रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में हम क्वालिटी देने की ओर बढ़े हैं। बेसिक शिक्षा में एक लाख 60 हजार शिक्षकों की भर्ती की गई।
बच्चों को निःशुल्क पुस्तकें वितरित की
मुख्यमंत्री ने सुझाव देते हुए कहा कि बेसिक स्कूलों के पास अपने-अपने गांव पंचायत का डेटा होना चाहिए कि वहां कितने परिवार हैं, कितने बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं और जा रहे हैं तो किस स्कूल में जा रहे हैं। मैं चाहूंगा कि बेसिक शिक्षा विभाग एक पोर्टल बनाए। उस पर इस प्रकार की पूरी जानकारी हो। बच्चों के सुंदर भविष्य के लिए हर गांव में खेल का मैदान की व्यवस्था की जा रही है। वह मैदान स्कूल के किनारे होंगे। आज यह अभियान शुरू हो रहा है। इसलिए अगला एक माह बहुत महत्वपूर्ण होने जा रहा है। हमारा प्रयास यह होना चाहिए कि एक भी बच्चा स्कूल जाने से न बचे। इससे हम शत-प्रतिशत साक्षरता को हासिल कर सकेंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कक्षा एक के बच्चों को निःशुल्क पुस्तकें वितरित की। निपुण बालक बालिकाओं में से पांच बच्चों को रिपोर्ट कार्ड भी वितरित किए। स्कूल रेडिनेस कैलेंडर का विमोचन किया। मिशन शक्ति के तहत रानी लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

