कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर एक बार फिर देश में खतरे की घंटी बजनी शुरू हो चुकी है। मार्च की शुरुआत से कोरोना केस लगातार बढ़ रहे हैं। लगातार दूसरे दिन एक दिन में तीन हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। देश में बीते दिन गुरुवार (30 मार्च) को 3,095 नए कोरोना मामले दर्ज किए गए।
बदलते मौसम से कोरोना ने एक बार फिर पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, छह महीने बाद एक दिन में सबसे ज्यादा केस दर्ज किए गए हैं। देश में एक्टिव केस बढ़कर 15,208 हो गए हैं। हालांकि दिल्ली सरकार का कहना है कि घबराने की कोई बात नहीं है लेकिन वहीं वाली बात हैं सरकार का काम है अलर्ट करना और मनाना इंसान के हाथ में है वो कहते हैं ना कि सावधानी हटी आपदा घटी।
कोराना ममालों में बढ़ोतरी को देखते हुए यूपी सरकार भी एक्टिव मोड में है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स और सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट मोड में रखा है। सरकार ने बताया कि प्रदेश में सभी पॉजिटिव सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग भी की जाएगी। जिन जिलों से कन्फर्म केस आ रहे है वहां सरकार ने तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। साथ ही सरकार ने अधिकारियों को सभी जिले में इन्फ्लूएंजा, रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन जैसी बीमारी के लिए भी निगरानी करने के लिए भी कहा गया है।
मास्क पहनना अनिवार्य
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, राष्ट्रीय राजधानी में आप सरकार कोविड-19 स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शुक्रवार (31 मार्च) को इस मामले के लिए बैठक की और अब पीसी करते हुए कह रहें हैं कि दिल्लीवासियों को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या कम है तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
कोरोना के बढ़ते मामलों पर घबराने की ज़रूरत नहीं। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली की तैयारी पुख़्ता हैं। https://t.co/Q1F5w41VIE
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) March 31, 2023
स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जिन अस्पतालों में कोरोना के हल्के लक्षण भी दिख रहे हैं उन लोगों का कोरोना वायरस टेस्ट करने के लिए आदेश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि अस्पतालों में आने वाले लोगों को मास्क पहनना अनिवार्य है। भीड़ भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनना अनिवार्या है, हाथों को समय पर वॉश करना और अगर बाहर है तो सैनिटाइजर का प्रयोग करना यानि एक बार फिर वही प्रोटोकॉल फॉलो करने हैं।

