राहुल गांधी अपने बयानों को लेकर काफी सुर्खियों में बने रहते हैं। अपने बयानों से वो सरकार पर निशाना साधने से पीछे नहीं हटते हैं और उनके बयान बाद में उन्हीं के ऊपर मुसीबत की बिजली बनकर गिर जाते हैं। अब राहुल गांधी अपने दो साल वाले पुराने बयान को लेकर मुसीबत में पड़ गए। दरअसल 2019 के लोकसभा चुनाव में कर्नाटक के कोलार में एक रैली के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि आखिर सभी चोरों के सरनेम मोदी ही क्यों होते हैं? नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी का सरनेम कॉमन क्यों है?
इसी पुराने बयान को लेकर आज राहुल गांधी के ऊपर बिजली गिर गई और गुजरात की सूरत सेशन कोर्ट ने आपत्तिजनक बयान को लेकर दोषी करार देते हुए 2 साल की सजा सुनाई है, हालांकि अभी उन्हें जमानत मिल गई है लेकिन कार्रवाई चलती रहेगी। वहीं केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने राहुल गांधी को लेकर बोला कि वो जो भी बोलते हैं उससे सिर्फ नुकसान ही होता है, इससे कांग्रेस को तो नुकसान होता ही है, लेकिन इससे देश को भी नुकसान होता है। राहुल गांधी के ऐसे आपत्तिजनक बयान ही कांग्रेस की नैया डूबोये हुए हैं।
सुनवाई के दौरान राहुल गांधी ने कोर्ट से कहा कि मेरा इरादा गलत नहीं था, उनके बयान से किसी को नुकसान नहीं पहुंचा है। इसी के साथ उन्होंने इस मामले में अपने लिए कम सजा दिए जाने की मांग की है। अपने बयान से दोषी करार हुए राहुल गांधी के ऊपर अब संसद सदस्यता जाने की भी तलवार लटक रही है। पहले से ही राहुल गांधी लंदन के कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में अपनी विवादित टिप्पणी को लेकर घिरे हुए हैं, भाजपा उनके पीछे लगी हुई है कि जो अपमान उन्होनें भारत देश का विदेश में जा के किया उसके लिए माफी मांगे।
भारत जोड़ो यात्रा के अंतिम दिन श्रीनगर में भी राहुल गांधी ने बयान दिया था कि आज भी महिलाओं के साथ यौन शोषण होता है। इसको लेकर दिल्ली की पुलिस उनके घर पूछताछ के लिए भी पहुंची थी।

