हिन्दुस्तान में बहुत से बाबा है कोई चमकत्कार दिखाता तो कोई करतब दिखाता है हर बाबा का अपना अलग अंदाज है और हर बाबा के अपने भक्त हैं और इन बाबाओं के भक्तों की संख्या भी हजारों लाखों में है। अभी बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की चर्चा खत्म भी नहीं हुई और अब एक नए बाबा सुर्खियों में है और ये हैं कानपुर के करौली बाबा दरअसल नोएडा के एक डॉक्टर ने जब बाबा को चैंलेज किया तो बाबा के बाउंसरों ने डॉक्टर की पिटाई कर दी।
इससे पता लगता है कि आजकल के बाबा बाहुबली हैं लोंगो की आस्था के साथ खिलवाड़ करना इनका पेशा बनता चला जा रहा है। आडंबर कर के लोंगो को फंसाना और पैसा लूटना ही ऐसे बाबाओं का मकसद होता है। बाबा के बाउंसरो ने डॉक्टर को बुरी तरह से लात, घूसों और लोहे की सरिया से पीटा वहीं पिटाई में घायल डॉक्टर सिद्धार्थ की नाक की हड्डी टूट गई और सिर में कई जगह चोट आई। इसके बाद डॉक्टर ने बाबा के ख़िलाफ़ FIR करा दी है।
करौली के ये बाबा कोई सन्यासी बाबा नहीं हैं बल्कि पहले एक किसान, फिर किसान नेता रह चुकें हैं। बाबा देश के दिग्गज किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत के साथ काम किया करते थे। संतोष सिंह ने महेंद्र सिंह टिकैत के साथ कई किसान आंदोलनों में बढ़-चढ़कर कर भाग लिया, उसी समय कानपुर में किसान यूनियन बड़े नेता संतराम सिंह की हत्या हो गई। इसके बाद महेंद्र सिंह टिकैत ने संतोष सिंह भदौरिया को कानपुर के सरसोल क्षेत्र की देखरेख करने के लिए बागडोर सौंप दी उसके बाद आश्रम खोल बाबा का रुप धारण कर लिया है।
बाबा का असली नाम संतोष सिंह भदौरिया है और इन पर कई आपराधिक आरोप लग चुके हैं। करौली बाबा के खिलाफ 1992-95 के बीच हत्या समेत कई आपराधिक मामले दर्ज हुए थे। 14 अगस्त 1994 को तत्कालीन जिलाधिकारी दिनेश सिंह के आदेश पर संतोष भदौरिया पर रासुका की कार्रवाई की गई। जिसका नंबर 14/जे/ए एनएसए 1994 है।
इसके बाद करौली बाबा संतोष सिंह भदौरिया पर आरोप लगा कि बिधनू में भूदान पट्टा के सरकारी दस्तावेजों में हेरफेरी करके आश्रम खोल लिया। आश्रम खोलने के बाद मंत्र से बीमारी या किसी भी तरह के समस्या के समाधान का वीडियो यूट्यूब पर अपलोड करने लगे। करौली बाबा नाम के उनके यूट्यूब चैनल के 93 हजार सब्सक्राइबर हैं। बाबा ने एक निजी चैनल में इंटरव्यू देते हुए बड़े शॉकिंग खुलासे भी किए जिसे पढ़कर आप भी हैरान हो जाएंगे।
इंटरव्यू के दौरान जब करौली बाबा से सवाल पूछा गया कि इतना बड़ा आश्रम उन्होनें कैसे बना लिया तो इस पर जवाब देते हुए बाबा ने कहा कि “मैंने ये आश्राम अपनी कमाई से बनाया है, सरकार को नंबर एक में इनकम टैक्स देता हूं। साल में 10 करोड़ का टैक्स देता हूं। कागज देखिए और इनकम टैक्स वालों को साथ में बुलाइए। “करौली बाबा ने दावा किया कि मां कामाख्या के मंदिर में लोग हवन करके अपने आप ठीक होते हैं। इसमें कोई कुछ नहीं करता। लोग खुद आते हैं और खुद ही हवन करके ठीक हो जाते हैं।

