देश में इन दिनों सियासी माहौल में तो जैसे महाभारत का युद्ध छिड़ा हुआ है। भाजपा और विपक्ष में जुबानी जंग छिड़ी पड़ी है लेकिन राहुल गांधी के लंदन वाले बयान पर तो जैसे भाजपा ने उन्हें चक्रव्यूह की तरह घेर लिया है और माफी मंगवाने के पीछे अड़े हुए हैं। संसद सत्र में भाजपा ने एक भी दिन सही से कार्यवाही नहीं होने दी और जमकर हंगामा काटा।
वहीं राहुल गांधी ने चुप्पी तोड़ते हुए विदेश मंत्रालय की एक बैठक में अपने लंदन वाले बयानों के छिड़े बवाल को लेकर सफी देते हुए कहा कि उनका बयान एक व्यक्ति को लेकर था। सरकार या देश को लेकर नहीं था। राहुल ने ये सफाई उस वक्त दी जब बीजेपी सांसदों ने लंदन वाले बयान का मुद्दा उठाया था।
भारत की G20 अध्यक्षता पर शनिवार (18 मार्च) को विदेश मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की मीटिंग हुई थी। यहां राहुल गांधी और विपक्ष के तमाम नेता मौजूद थे। इस दौरान बीजेपी और विपक्ष के सांसदों के बीच तीखी बहस भी हुई। बीजेपी ने राहुल के विदेश में दिए हुए बयानों को लेकर भी उनपर जमकर हमला बोला। इसके बाद ही राहुल ने अपनी सफाई वाला बयान जारी किया।
इससे पहले भी राहुल गांधी ने गुरूवार को भी सफाई पेश करते हुए कहा था कि कि मेरे भाषण में ऐसी कोई चीज नहीं थी जो मैंने पब्लिक रिकॉर्ड से नहीं निकाली। सब कुछ यहां-वहां से जुटाया था। यह पूरा मामला डिस्ट्रैक्ट करने का है। दरअसल, प्रधानमंत्री अडाणी के मुद्दे से डरे हुए हैं। वे बताएं कि अडाणी से उनका क्या रिश्ता है।
राहुल गांधी साथ ही कहा कि लंदन में दिए गए भाषण के मुद्दे पर संसद में विस्तार से जवाब दूंगा। मैं सांसद हूं और संसद मेरा मंच है। मैं लोकसभा का सदस्य हूं। मेरी जिम्मेदारी अपनी बात संसद में रखने की है।

