तमिलनाडु कांड के बाद सुर्खियों में आए बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के मझौलिया थाना क्षेत्र के महना डुमरी निवासी यूट्यूबर मनीष कश्यप के खिलाफ तमिलनाडु और बिहार में कई मामले दर्ज हुए जिसमें मुख्य रूप से बिहार के आर्थिक अपराध इकाई द्वारा भी दर्ज किया गया केस था। इस मामले के बाद मनीष कश्यप के एक सोशल मीडिया आईडी से हथकड़ी लगी हुई एक तस्वीर भी वायरल हुई थी। उस तस्वीर के आलोक में भी पुलिस ने केस दर्ज किया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पश्चिमी चंपारण के मझौलिया थाना कांड संख्या 193/21में मनीष कश्यप नामजद अभियुक्त था। जिसमें मनीष कश्यप के द्वारा पटना उच्च न्यायालय में भी जमानत अर्जी दाखिल की गई थी। जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था । उसी केस में पुलिस ने गिरफ्तार नहीं होने के कारण माननीय न्यायालय से कुर्की जब्ती का वारंट लेकर कुर्की जब्ती करने पहुंची है। मनीष कश्यप के पैतृक गांव महना डुमरी की कुर्की जब्ती करने भारी संख्या में पुलिस बल के साथ मजिस्ट्रेट की भी तैनाती है और मनीष कश्यप के घर से एक – एक के सामान को मजिस्ट्रेट की निगरानी में प्रशासन निकाल रही है ।
प्रशासन के दबाव में मनीष कश्यप ने किया सरेंडर
बता दें कि इसी कार्रवाई के बाद दबाव में आकर मनीष कश्यप ने बेतिया के जगदीशपुर ओपी में सरेंडर किया है। फिलहाल आर्थिक अपराध इकाई और स्थानीय पुलिस मनीष कश्यप से पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार ईओयू की टीम लगातार फेक न्यूज़ मामले में मनीष कश्यप को गिरफ्तार करने के लिए दवाब बना रही थी। आर्थिक अपराध इकाई मनीष कश्यप की गिरफ्तारी के लिए कई जगहों पर छापेमारी में भी जुटी थी।
पुलिस की माने तो यूट्यूबर मनीष कश्यप के खिलाफ सिर्फ पश्चिम चम्पारण में सात अपराधिक मामले दर्ज हैं जिसमें पांच मामले में चार्जशीट दाखिल हो गया है। एक मामले में जमानत पर है और जिस मामले में कुर्की हो रही है उस मामले में पटना हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज किया जा चुका है। वही तमिलनाडु मामले में भी तमिलनाडु और पटना के साथ-साथ आर्थिक अपराध इकाई में भी केस दर्ज है। इतना ही नहीं मनीष कश्यप के करीब 42 लाख रुपए खाते में पाए गए थे। जिसे आर्थिक अपराध इकाई द्वारा फ्रीज कर दिया गया है और जांच पड़ताल की जा रही है।

