उत्तर प्रदेश में बिजली कर्मचारियों ने गुरुवार (16 मार्च) की रात से जारी है विद्युत कर्मचारियों द्वारा अलग-अलग जगहों पर हड़ताल और नारेबाजी भी जारी है। वहीं, दूसरी ओर सरकार ने इस मुद्दे पर सख्त रुख दिखाया है। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का व्यापक असर आम लोगों पर पढ़ने लगा है। कहीं ना कहीं लोगों की दैनिक कार्यों के साथ व्यापारिक स्तर पर भी बिजली ना आने का प्रतिकूल प्रभाव पढ़ रहा है।
उत्तर प्रदेश में एक ओर जहां बिजली कर्मचारियों ने व्यापक स्तर पर हड़ताल शुरू कर दी है। तो वहीं विद्युत आपूर्ति में अब गड़बड़ी आ चुकी है। जिसके चलते कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। तो वहीं कई दिनों से लोग अंधेरे में रहने को मजबूर है।
आपको बता दें कि झांसी जिले के अंतर्गत आने वाला रानीपुर कस्बा बुनकर बाहुल्य क्षेत्र है। यहां पर कपड़ा बनाने का कार्य बड़े स्तर पर किया जाता है। तो वही बिजली ना मिलने के चलते कपड़ा बनाने का कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। जिसमें कई लोग तो ऐसे हैं जो दूसरे लोगों की मजदूरी कर कपड़ा बनाकर उससे अपना भरण-पोषण करते थे। तो वही बिजली ना मिलने के चलते बुनकर बेहद बुरे दौर से गुजर रहे हैं। बुनकरों का कहना है कि अगर यही हालात कि एक-दो दिन और रहे तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
हालांकि, एके शर्मा ने कहा कि सरकार विरोध कर रहे कर्मचारियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को हल करने के लिए काम कर रही है और बातचीत के लिए तैयार है लेकिन उन्हें सार्वजनिक हित को दांव पर लगाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले विरोध कर रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि समिति और राज्य के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा के बीच 3 दिसंबर को हुए समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किया गया, जिससे उन्हें हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने मीडियाकर्मियों को बताया, “3 दिसंबर को बिजली मंत्री और संघ समिति के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे।
एक खंड था जिसके तहत बिजली निगम के अध्यक्ष को हमारे मुद्दों को हल करने के लिए हमारे साथ संवाद करना था। आज 18 मार्च है लेकिन सभापति एक बार भी चर्चा करने में विफल रहे। ऐसे में कर्मचारी हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर हुए।”
जो भी विद्युत संविदा मजदूर कार्य कर रहे हैं उनको किसी भी प्रकार के समस्या अन्य संगठनों द्वारा ना आने पाए इसको लेकर फीडर पर महिला पुलिसकर्मी तथा पुरुष पुलिसकर्मी को लगाया गया है। वही संगठन के लोगों का कहना है कि हम लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी भी लगे हुए हैं।
लगभग सभी विद्युत संगठन हड़ताल पर चले गए हैं जिससे कुछ क्षेत्रों में बिजली की समस्या उत्पन्न हो गई है। हालांकि जिन क्षेत्रों में समस्या उत्पन्न हुई है वहां पर आपूर्ति बहाल करने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं ताकि लोगों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिलती रहे।

