प्रयागराज में उमेश पाल मर्डर कांड को लेकर आए दिन नए नए खुलासे हो रहें हैं। इस हत्याकांड में कई जगहों से तार जुड़ते चले जा रहें हैं। अब उमेश की हत्या को लेकर एक नया तार झांसी से भी जुड़ गया है। अब आप सोच सकते हैं कि किस तरह से अतीक ने अपनी क्राइम दुनिया का साम्राज्य फैलाया हुआ था।
प्रयागराज पुलिस ने झांसी बड़ागांव थाना क्षेत्र में छापेमारी कर दो लोगों को काबू किया है। पुलिस बबलू पांडे, योगेन्द्र सिंह नाम के 2 लोग से पूछताछ कर रही है। पकड़े गए दोनो युवक झांसी के पारीछा के रहने वाले बताए गए। पूछताछ में काबू किए गए आरोपियों ने बताया कि हत्याकांड के शूटरों से फोन पर बातचीत हुई थी।
झांसी में छापेमारी के बाद अब गैंग के सदस्यों से जुड़े अन्य लोग भी पुलिस की राडार पर आ गए हैं। योगी बाबा ने सदन में कहा था कि माफियाओं को मिट्टी में मिला देंगे और पुलिस लगातार सभी आरोपियों को खोद खोद के बिल से बाहर निकालने के काम में जुटी हुई है। अतीक की गैंग पर पुलिस के शिकंजा कसता ही जा रहा है।
गैंग के इस साम्राज्य को लेकर पुलिस को तफ्तीश में ये पता लगा है कि इस पूरे मामले में विक्टिम को रेल अदा करने वाली अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन भी शामिल थी और उसको उमेश पाल हत्या की साजिश के बारे में सब कुछ पता था। अपने पति अतीक के इशारों पर वो सारी साजिश को अंजाम दे रही थी।
उमेश हत्याकांड के बाद से ही शाइस्ता गायब है और पुलिस ने उस पर 25 हजार का इनाम पहले से ही घोषित किया हुआ है। पुलिस की पैनी नजरें शाइस्ता को ढूंढने में जुटी हुई हैं। शाइस्ता ने ही एक-एक शूटर से बात की, उन्हें रुपये पैसे दिए, बल्कि वारदात को अंजाम देने के बाद कैसे भागना है, कैसे छुपना है, ये सब भी बताया और तो और पुलिस से बचने के लिए उसने ही अपने बेटे असद से शूटरों के लिए 16 मोबाइल फोन और 16 सिम कार्ड खरीदवाए और इन्हें शूटरों तक पहुंचाया था।

पुलिस के मुताबिक शाइस्ता ही अतीक, असद और अशरफ के बीच की कड़ी थी। सीसीटीवी फुटेज में वो अतीक के शूटर साबिर के साथ जाती हुई दिखी। 19 फरवरी को शाइस्ता अतीक के शूटर बल्ली उर्फ सुधांशु के घर गई थी। हत्या के दौरान उसी ने सारे शूटरों को 1-1 लाख रुपये का खर्चा-पानी दिया था। शाइस्ता ने ही शूटरों के लिए मोबाइल फोन भी खरीदवाए थे। कुल मिलाकर पुलिस की मानें तो अतीक के जेल जाने के बाद से शाइस्ता ही अब गैंग की कमान संभाल रही है।

