अडानी समूह से जुड़े मामले और केंद्र की नीतियों के खिलाफ देश के विभिन्न 17 राजनीतिक दलों के सांसदों ने आज दिल्ली स्थित संसद भवन से लेकर केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय के मुख्यालय तक मार्च निकाला। हालांकि दिल्ली पुलिस ने विजय चौक के पास सभी सांसदों को धारा 144 का हवााल देकर रोक दिया। इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने जांच एजेंसी ईडी कार्यालय के बाहर सुरक्षा भी बढ़ा दी है।
“प्रधानमंत्री और अडानी का क्या रिश्ता है?”
बता दें कि विजय चौक पर रोके जाने से विपक्षी सांसद नाराज हो गए। सांसदों ने वहीं पर नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस द्वारा रोके जाने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्ल्किार्जुन खरगे ने कहा, 200 सांसदों को रोकने के लिए 2000 पुलिस वाले लगाए गये हैं। “हम अडानी मामले में ज्ञापन सौंपने के लिए ईडी जा रहे हैं लेकिन सरकार हमको विजय चौक के पास भी नहीं जाने दे रही।
जो लोग अपने पैसे सरकार के विश्वास के साथ बैंक में रखते हैं वही पैसे सरकार एक व्यक्ति को सरकार की संपत्ति खरीदने के लिए दे रही है।” उन्होंने कहा कि “मोदी जी ऐसे लोगों को प्रोत्साहन दे रहे हैं। जिस व्यक्ति ने 1650 करोड़ रुपए से अपना करियर की शुरुआत की और अब उसके पास 13 लाख करोड़ की संपत्ति है तो हम चाहते हैं कि इसकी जांच हो। उन्होंने आगे कहा, अडानी और मोदी के बीच के रिश्ते की जांच होनी चाहिए, बस इसी के लिए हम ईडी दफ्तर जाकर अपनी बात रखना चाह रहे हैं।
‘ये तानाशाही सरकार है’
राजद के राज्यसभा सांसद प्रोफेसर मनोज झा ने कहा, बीजेपी की ये सरकार तानाशाही की सरकार है। हम सरकार को झुकाएंगे, हम मार्च के महीने में मार्च निकाल रहे हैं, देश को सरकार से सवाल पूछना चाहिए कि सदन क्यों बार-बार स्थगित हो रही है। उन्होंने आगे कहा, वह दिन दूर नहीं जब एक दिन अडानी नाम का व्यक्ति जेल के अंदर होगा।

