उत्तर प्रदेश में जल्द ही नगर निकाय चुनाव होने को है। संभावना है कि यह चुनाव अप्रैल-मई के माह में हो सकती है। प्रदेश की सभी राजनीतिक पार्टियां भी इस चुनाव को लेकर कमर कस चुकी है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो चुका है। इस बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बसपा पर भाजपा की बी टीम होने का आरोप लगाया था।
अब सपा प्रमुख अखिलेश यादव के आरोपों पर पलटवार करते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने निशाना साधा है। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आरोपों पर जवाब देते हुए कहा, “बीजेपी, सपा और कांग्रेस सभी घोर जातिवादी व बहुजन विरोधी पार्टियां है, कोई कम तो कोई ज्यादा है। इसके अलावा, सपा द्वारा विद्वेषपूर्ण आरोप लगा देने से काम नहीं चलेगा। बल्कि यूपी और देश भी यह देख रहा है कि कौन किसकी बी टीम रही है और अभी भी उसी रुप में सक्रिय है।”
अखिलेश यादव का आरोप
दरअसल, सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्रीअखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा था कि “पिछले विधानसभा चुनावों में, बीजेपी दफ्तर ने बसपा के उम्मीदवारों को अंतिम रूप दिया। बसपा के उम्मीदवार जीत के लिए नहीं, बल्कि सपा के उम्मीदवारों को जीतने से रोकने के लिए मैदान में उतारे गए थे। बसपा बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर और उसके संस्थापक कांशीराम के रास्ते से भटक गई है। बसपा ने भाजपा के साथ सांठगांठ की है और उसकी बी-टीम के रूप में काम करती है।”अखिलेश यादव के इन्हीं आरोपों का मायावती ने जवाब दिया है।

