यूपी की सियासत में इन दिनों जुबानी जंग का सिलसिला जारी है। विपक्ष भाजपा को घेरते हुए लगातार निशाने साधने में जुटी हुई है। अब अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर रविवार को एक वीडिया साझा करते हुए दावा किया है कि आईपीएस ऑफिसर ने 20 लाख रूपये की रिश्वत की वसूली के इस वीडियो को भाजपा बुलडोज़र की दिशा की ओर बढ़ेगी या मामले को रफा दफा कर देगी?
वीडियो आने के बाद संबंधित अधिकारी के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। आईपीएस अधिकारी अनिरुद्ध सिंह का एक कथित वीडियो रविवार को मीडिया में आया जिसमें वह वीडियो कॉल पर किसी से 20 लाख रुपये की व्यवस्था करने के लिए कहते नजर आ रहे हैं।
वीडियो उस समय का बताया जा रहा है जब वो मेरठ जिले में तैनात थे। हालांकि, मेरठ पुलिस ने ट्विटर पर अपने जवाब में कहा है, ‘यह वीडियो दो साल से अधिक पुराना है और इसका मेरठ से कोई संबंध नहीं है। मामले की जांच पूरी कर ली गई है।’
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले पर सरकार को घेरते हुए ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने कहा, ‘‘उप्र में एक आईपीएस की वसूली के इस वीडियो के बाद क्या बुलडोज़र की दिशा उनकी तरफ़ बदलेगी या फिर फ़रार आईपीएस की सूची में एक नाम और जोड़कर संलिप्त भाजपा सरकार ये मामला भी रफ़ा-दफ़ा करवा देगी” उन्होंने 10 सेंकेंड का एक वीडियो क्लिप साझा करते हुए लिखा है, ‘‘उत्तर प्रदेश की जनता देख रही है कि यह है अपराध के प्रति भाजपा की झूठी ज़ीरो टालरेंस की सच्चाई।’’
उप्र में एक आईपीएस की वसूली के इस वीडियो के बाद क्या बुलडोज़र की दिशा उनकी तरफ़ बदलेगी या फिर फ़रार आईपीएस की सूची में एक नाम और जोड़कर संलिप्त भाजपा सरकार ये मामला भी रफ़ा-दफ़ा करवा देगी।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) March 12, 2023
उप्र की जनता देख रही है कि ये है अपराध के प्रति भाजपा की झूठी ज़ीरो टालरेंस की सच्चाई। pic.twitter.com/JsMAhzRFPU
बयान में कहा गया है, “यह मामला दो साल पुराना है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने आयुक्त वाराणसी से इस बारे में पूछा है और तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है।” एक अन्य ट्वीट में आरोप लगाया गया है कि सिंह की पत्नी ने मकान मालिक को किराया नहीं दिया है। इस मामले की भी जांच शुरू की गई है।
पुलिस महानिदेशक कार्यालय के अनुसार, ‘‘आरती सिंह अनिरुद्ध सिंह की पत्नी हैं. इस संबंध में जानकारी करने पर पता चला है कि आरती ने मकान का किराया चुका दिया है और कोई बकाया नहीं है, लेकिन इस मामले में भी पुलिस ने मुख्यालय ने आयुक्त वाराणसी से मामले की जांच करने और तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देने को कहा है।”
इस मामले पर कांग्रेस ने कहा कि यह आईपीएस अनिरुद्ध सिंह हैं. जो इन दिनों मेरठ में तैनात हैं. सरेआम किसी से पूछ रहे हैं, ‘आज कितना भेज रहे हैं?’ फिर कहते हैं, ’20 लाख भेजिये,’ यानी बिना लाग-लपेट 20 लाख की डिमांड की जा रही है।

