कोरोना ने कैसे 3 साल पूरे दुनिया भर में अपना आतंक बरपाया था ये आज तक कोई भूल नहीं पाया है। अपनों ने अपनी आंखो के सामने खोते हुए देखा। पूरी दुनिया भर में कोरोना की दहशत ने बैकफुट पर लाकर खड़ा कर दिया था कोरोना की महामारी ने नए नए वैरिएंटो ने दुनिया को खूब डराया लेकिन हर बीमारी का समय भी निश्चित होता है और वक्त के अनुसार बीमारी खत्म भी होती है।
लेकिन एक बात ये भी सच है कि खतरे की घंटी कब बज जाए पता नहीं लगता है कोरोना को बाद अब अब H3N2 वायरस (इन्फ्लूएंजा वायरस) ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं और इस वायरस से भारत देश में दो मौत भी दर्ज की गई है हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक, कर्नाटक के हासन में एक व्यक्ति और हरियाणा में एक शख्स की इस वायरस से मौत हो चुकी है। फिलहाल अभी मौत हुए दोनों शख्स की पुरी तरह से जानकारी नहीं दी गई है। अब ये बीमारी देश के लिए संकट का विषय बनने लगी है।
H3N2 इन्फ्लूएंजा वायरस ने खतरे की घंटी देश के लिए बजा दी है खासकर दिल्ली और उसके आसपास के राज्यों में यह बीमारी काफी ज्यादा फैल रही है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की माने तो यह वायरस फेफड़ों में गंभीर रूप से इंफेक्शन का कारण बन रहा है। 6 महीने के अंदर इस बीमारी ने अपना पैटर्न बदल दिया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी सूचना में कहा गया है कि H3N2 वायरस से होने वाले संक्रमण पर हमारी पूरी नजर है। और ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च के आखिरी सप्ताह में इस बीमारी के मरीज घट सकते हैं। मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि 2 जनवरी से 5 मार्च तक देश में H3N2 के कुल 451 मामले आए हैं।
H3N2 से होने वाले इंफेक्शन में बुखार, खांसी, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में दर्द, छाती में दर्द, गले में खराश और नाक से पानी आना जैसे लक्षण शामिल हैं। अगर आपको ये लक्षण में हैं तो बिना किसी देरी के डॉक्टर के पास समय से इलाज कराएं। इसके साथ ही ऑक्सीमीटर की मदद से लगातार ऑक्सीजन लेवल चेक करते रहें। अगर 95 प्रतिशत से कम है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। अगर किसी मरीज का ऑक्सीजन लेवल कम हो जाएगा तो उसे तुरंत इंटेसिव केयर यूनिट में एडमिट करवाना चाहिए। खुद से कभी भी दवाई न लें।
हालांकि इसके प्रकोप को लेकर दिशा निर्देश दे दिए गए हैं कि भीड़ भाड़ वाले इलाकों में मास्क लगाकर रखें और हाथों को समय से वॉश करते रहें। एम्स के पूर्व डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि H3N2 इन्फ्लुएंजा वायरस ड्रॉपलेट्स के जरिए कोविड की तरह ही फैलता है। केवल उन लोगों को सावधान रहने की जरूरत है, जिन्हें पहले से ये बीमारी है।
एहतियात के तौर पर मास्क पहनें, बार-बार हाथ धोएं, फिजिकल डिस्टेंसिंग रखें। हालांकि इससे बचाव के लिए वैक्सीन भी उपलब्ध है। डॉ. गुलेरिया का कहना है कि खासकर बच्चे, बुजुर्ग इन लक्षणों की चपेट में ज्यादा आ रहें हैं। इसे लेकर मेडिकल एक्सपर्ट्स अलर्ट मोड में आ गए हैं।

