उत्तरप्रदेश के वाराणसी के काशी विश्वनाथ धाम में आज होली के मौके पर जमकर भीड़ उमड़ी है। हर तरफ रंगो का उल्लास देखने को मिल रहा है। काशीपुराधिपति भगवन शिव की नगरी में भक्तों ने भगवान शिव को को रंग गुलाल अर्पित कर फूलों की होली खेली। लोगों ने एक दूसरे के चेहरे पर गुलाल लगाकर होली की बधाई दी। बता दें कि इसके अलावा गोदौलिया चौराहे पर फिल्मी होली गीतों की परंपरागत गीतों पर हजारों युवाओं का सामूहिक नृत्य ने लोगों को प्रयागराज की होली की याद दिला दी।
युवाओं की लयबद्ध नृत्य और जमीं से आसमान तक उड़ते अबीर गुलाल और रंगों के बीच का सतरंगी नजारा देख विदेशी पर्यटक भी अपने को रोक नही पाये और युवाओं के साथ मिलकर कदम से कदम मिलाते हुए जमकर नृत्य किया। तिथियों के फेर का कसर निकाल युवाओं ने पूरे धूम-धाम से होली खेली। वाराणसी के घाट पर भी जमकर होली खेली गई। जिले के ग्रामीण अंचल में मोहन सराय में युवाओं ने बैंडबाजा की धुन पर बारात निकाल कर नाचते गाते होली का जश्न मनाया और जमकर होली खेली।
गौरतलब है कि मंगलवार शाम को होलिका दहन के साथ ही काशी में रंग की खुमारी छाने लगी थी।अस्सी घाट पर आयोजित सांयकालीन गंगा आरती में श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कर होली खेली गयी। गंगा आरती में शामिल नागरिकों पर पुष्प वर्षा हुई तो पूरा घाट हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने गंगा आरती आयोजन समिति के इस पहल को जमकर सराहा। गंगा आरती के व्यवस्थापक विकास पांडेय ने बताया कि होली का पर्व काशी में रंगभरी एकादशी से ही शुरू हो जाता है। ऐसे में होली की पूर्व संध्या पर आरती में शामिल होने आये श्रद्धालओं पर पुष्प वर्ष कर होली खेली गयी।

