अंतराष्ट्रीय महिला दिवस हर साल 8 मार्च को मनाया जाता है।(International Women’s Day) इस बार ये दिन और भी खास है क्योंकि इसी दिन होली भी पड़ रही है। नारी दो शब्दों का ये अक्षर लेकिन पूरी सृष्टि इसके आधार पर टिकी हुई है, नारी सृष्टि की जननी, नारी के अनेकों रूप समय आने पर दुर्बल नारी सबला बनकर अपने हक के लिए लड़ सकती है। आज की नारी सब पर भारी। महिलाओं के लिए जितना लिखा जाए उतना कम।
कोमल है कमजोर नहीं
शक्ति का प्रतीक नारी है
पौराणिक कथाओं में जब मां पार्वती पर संकट आया था तो उन्होनें भगवान शिव से मदद के लिए कहा लेकिन शिव ने कहा कि नारी के ऊपर जब भी कोई मुसीत सामने आती है तो वो पुरूषों की ही क्यों सहायाता लेती हैं तब मां पार्वती को अपनी शक्ति का आभास हुआ और उनका मां काली स्वरूप सामने आया।
तभी से नारी अपनी लड़ाई खुद लड़ती आ रही है। आज की नारी शक्ति पुरूषों से काफी आगे निकलकर दुनिया भर में अपना परचम लहरा रहीं हैं। पहले के समय में जहां महिलाओं को खेल में करियर बनाने के लिए रोक थी तो आज महिलाएं भी क्रिकेट खेलकर दुनिया में भारत को उंचाइयों पर पहुंचा रहीं हैं। अब महिलाओं के लिए Women’s Cricket League की शुरूआत हो चुकी है। इससे साफ होता है कि अब लोगों की सोच महिलाओं के प्रति थोड़ी जागरूक हो रही है और महिलाओं को पुरूषों से श्रेष्ठ दर्जा दिया जाने लगा है।
आज की महिला पुरूषों के मुकाबले सब मामलों में आगे बढ़ रहीं है। आज की नारी वो नारी है जो सबला बनकर अपनी लड़ाई करने और अपने लिए हक की बात करने में सक्षम है। इस बात से हमें मर्दानी फिल्म का गाना याद आता है जो यहां बिल्कुल फिट रहेगा, आज से अब से आन मेरी मैं तुमको ना छूने दूंगी, जान को चाहे छलनी कर दो मान को ना छूने दूंगी।
आज की महिला पायलट बनकर भी देश के लिए उंची उड़ान भरकर अपने पंखों को खोलकर देश को उन्नति के शिखर पर पहुंचा रही है। 2 December 2019 को पहली महिला पायलट नकर शिवांगी ने देश का नाम रोशन किया साथ ही ये साबित भी किया कि हौसलें दृंड हो तो सफलता पाकर हम उंचाइयों को छू सकते हैं। हालांकि बता दें शिंवागी से पहले आजाद भारत में सरला ठकराल (1914 – 15 मार्च 2008) एक विमान उड़ाने वाली पहली भारतीय महिला बनी थी। यहां तक आज की महिला फाइटर प्लेन उड़ानें की ताकत भी रखती है। अवनी चतुर्वेदी एक ऐसी महिला जो भारत की पहली महिला फाइटर बनी और देश का नाम रोशन किया और अपने सपनों को पूरा कर आज वो आसमान को उंचाइयों को छू रहीं हैं।

