कांग्रेस नेता राहुल गांधी इन दिनों काफी सुर्खियां बटोरने में लगे हुए हैं। अपना भारत जोड़ो यात्रा में भी वो छाए रहे, खासकर उनकी टी-शर्ट ने तो सोशल मडिया पर खास लाइमलाइट बटोरी अपनी पूरी यात्रा उन्होनें एक टी-शर्ट में निकाली, तमाम टीवी की हस्तियों ने भी उन्हें सपोर्ट किया, बच्चों के साथ फुटबॉल खेलते हुए भी नजर आए, और भाजपा पर प्रहार भी करते रहे।
इन दिनों राहुल गांधी की सूट वाली तस्वीर काफी वायरल हो रही है,दरअसल राहुल गांधी ब्रिटेन के दौरे पर हैं (1 मार्च) को कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के बिजनेस स्कूल में छात्रों को संबोधित किया। छात्रों के संबोधन में वो मोदी सरकार पर निशाना साधने से पीछे नहीं हटे। राहुल गांधी ने मोदी पर हल्ला बोलते हुए कहा कि उन्होनें लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम किया है, और साथ ही भारत में मेरी जासूसी भी करवाने की कोशिश की है।
हालांकि एक मौका ऐसा भी आया जब राहुल गांधी ने पीएम मोदी की तारीफ भी की, राहुल गांधी से पूछा गया कि मोदी जी कि कौन सी नीतियां आपको सबसे ज्यादा पसंद अच्छी लगीं तो राहुल गांधी ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि उन्हें मोदी जी की उज्जवला योजना और जन धन योजना का जिक्र किया। उसके बाद राहुल गांधी के इस जवाब के बाद पूछा गया कि क्या वो इन दोनों नीतियों की खास बात बता सकते हैं कि क्यों ये योजना आपको अच्छी लगीं?
राहुल गांधी ने इसका जवाब दिया लेकिन इसमें उन्होनें मोदी पर निशाना भी साध दिया, राहुल गांधी ने जवाब देते हुए कहा महिलाओं को गैस सिलिंडर देना और लोगों के बैंक अकाउंट खुलवाना अच्छा कदम है लेकिन मेरे विचार में मोदी भारत की बनावट को बर्बाद कर रहे हैं। वो भारत पर एक ऐसा विचार थोप रहे हैं जिसे भारत स्वीकार नहीं कर सकता।
भारत राज्यों का संघ है। अगर कोई एक विचार थोपा जाएगा तो प्रतिक्रिया होगी। भारत में धार्मिक विविधता है, भारत में सिख, मुस्लिम, ईसाई सभी हैं लेकिन मोदी इन्हें दूसरे दर्जे का नागरिक समझते हैं। मैं इससे सहमत नहीं हूं। जब बुनियादी स्तर पर असहमति हो तो फर्क नहीं पड़ता कि आप किन दो–तीन नीतियों से सहमत हैं।
राहुल गांधी कैंब्रिज के बिजनेस स्कूल में ’21वीं सदी में सुनना सीखने की कला’ विषय पर बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, दुनिया में लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए नई सोच की जरूरत की बात कही। साथ ही ये भी कहा कि इसे किसी पर थोपा न जाए। हम ऐसी दुनिया बनते हुए नहीं देख सकते जो लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ी हुई न हो।

