दिल्ली की सियासत में इस समय भूचाल मचा हुआ है। पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और मंत्री सतेंद्र जैन ने अपने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस तख्तापलट से सीएम केजरीवाल अब कैबिनेट में फेरबदल कर दिया है। पार्टी के मंत्री कैलाश गहलोत और राजकुमार आनंद को नए विभागों की ज़िम्मेदारी देने के सीएम केजरीवाल के प्रस्ताव को उपराज्यपाल ने मंज़ूरी दे दी है।
बीती शाम सीएम केजरीवाल ने मनीष सिसोदिया के 18 विभागों में से 8 विभाग कैलाश गहलोत को और 10 विभाग राजकुमार आनंद को देने का फ़ैसला किया था और इसकी फाइल एलजी को भेजी थी और LG ने सीएम के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के पास दिल्ली सरकार में 18 विभाग थे। केजरीवाल ने एलजी को भेजी सिफारिश में इन विभागों को दो मंत्रियों को देने का फैसला किया था। इसके तहत कैलाश गहलोत के पास वित्त, योजना, लोक निर्माण विभाग, पावर ए, गृह, यूडी, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण, पानी विभाग देने का फैसला किया गया है।
वहीं राजकुमार आनंद को 10 विभाग मिलेंगे। इनमें शिक्षा, भूमि और भवन, जागरूकता, सेवाएं, पर्यटन, कला संस्कृति और भाषा, श्रम, रोजगार, स्वास्थ्य और इंडस्ट्रीज शामिल है। बीते रविवार (26 फरवरी) को सीबीआई ने मनीष सिसोदिया को दिल्ली शराब नीति मामले में गिरफ्तार किया था। पिछले साल पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के बाद मनीष सिसोदिया भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार होने वाले दिल्ली सरकार के दूसरे मंत्री हैं।
कौन हैं कैलाश गहलोत?
बता दें कि कैलाश गहलोत इस समय दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री हैं। कैलाश गहलोत पेशे से एक वकील हैं। वे नजफगढ़ के मित्राऊं गांव के रहने वाले हैं। कैलाश गहलोत नजफगढ़ क्षेत्र से फरवरी 2015 में दिल्ली विधानसभा के लिए पहला चुनाव जीता था। वह आम आदमी पार्टी राजनीतिक दल के सदस्य भी हैं।
कौन हैं? राजकुमार आनंद
राजकुमार आनंद पटेलनगर सीट से आम आम आदमी पार्टी के टिकट पर 2020 में पहली बार विधायक बने थे। इससे पहले इसी विधानसभा क्षेत्र से उनकी पत्नी वीना आनंद विधायक थीं। राजकुमार आनंद ने MA-LLB की पढ़ाई की है।

