यूपी विधानसभा के बजट सत्र का आज पांचवा दिन है। सदन में योगी आज विपक्षी सपा नेता अखिलेश यादव पर शब्दों के तीखे वार कर रहें हैं। सीएम ने शिवापल पर भी निशाना साधते हुए तंज कसे और कहा कि कम से कम एक काकाजी को सम्मान तो मिला। चाचा शिवपाल को भी स्वाभिमान बनाए रखना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा, “आपके कारनामो से ही प्रदेश की जनता ने आपको ये गति दी है !! उत्तरप्रदेश की उपलब्धियों पर हमें और जनता को गौरव होता है। हम इस पर ये कहें कि ये गलत है, उत्तर प्रदेश पिछड़ा है, बीमारू है, 50वें नम्बर पर है, ये कहने में इन्हें गौरव होता है। 50 राज्य ही नहीं हैं देश में !! उत्तर प्रदेश का जो परसेप्शन बना दिया गया था, उसमे 6 वर्षों में आज क्या बदलाव नहीं आया?? लेकिन ये नहीं स्वीकार कर सकते।
उत्तर प्रदेश आज एक्सप्रेसवे, पेंशन योजन, पीएम आवास, गन्ना भुगतान औद्योगिक विकास, डीबीटी के माध्यम से भुगतान, सभी में उत्तर प्रदेश नम्बर 1, हर गरीब के घर मे शौचालय बनाने में नम्बर 1, पीएम आवास में शहरी ग्रामीण क्षेत्र मे नम्बर 1, पीएम जनधन अकाउंट में नम्बर 1. जिनके बैंक अकाउंट नही खुल पाए थे, उनके 8 करोड़ 51 लाख खाताधारक हैं।”
मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव का नाम लिए बिना कहा, “शक्ति देना आसान है, बुद्धि देना बहुत कठिन। इसे सरल भाषा मे कहें विरासत में सत्ता तो मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं नेता विरोधी दल अगर गुस्सा कम कर लें, प्रदेश को तो एकजुट नहीं कर पाए, कम से कम परिवार को तो एकजुट कर लें।”
सीएम लगातार सपा पर वार के तीर छोड़ने में लगे हुए हैं उन्होनें रामचरिमानस जैसे पवित्र ग्रंथ के फाड़े जाने को लेकर कहा कि इतने पवित्र ग्रंथ को ऐसे फाड़ा गया क्या ये सनातन धर्म का अपमान नहीं है। सीएम ने चौपाइयों के अंदाज में भी सपा को घेरा।
मुख्यमंत्री ने कहा चौपाइयों की सही व्याख्या होनी चाहिए। तुलसीदास जी ने रामचरितमानस की रचना अवधी में की है। अवधि में ताड़न का क्या अर्थ होता है? उन्होंने कहा कि ताड़न का अर्थ होता है ध्यान देना, उचित शिक्षा देना, उन्होंने कहा शूद्र का मतलब क्या है, शूद्र का मतलब श्रमिक वर्ग से है, बाबा साहेब आंबेडकर ने कहा था कि दलित को कोई शूद्र नहीं कहेगा, लेकिन आपने उसका भी ख्याल नहीं रखा, उन्होंने रामचरितमानस की एक चौपाई के साथ तंज भी कसा और कहा- “जाको प्रभु दारुण दिख दीन्हा, ताकि मति पहले हर लेना।”

