बिहार और उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले “बिहार में का बा” और ‘यूपी में का बा..गीत गाकर सुर्खियां बटोरने वाली बिहार की नेहा सिंह राठौर अब मुश्किल में घिरने वाली है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने नेहा को नोटिस भेजकर तीन दिन में जवाब देने को कहा है। अगर नेहा सिंह राठौर इस नोटिस का जवाब नहीं देती है तो उसपर कानूनी शिकंजा कस सकता है।
दरअसल, नेहा सिंह राठौर पर अपने वीडियो के जरिए जनता के बीच नफरत, भेदभाव और वैमनस्यता फैलाने का आरोप लगा है। उन्होंने हाल ही में कानपुर देहात की घटना पर ‘यूपी में का बा’ सीजन-2 गाया था।
बीती रात कानपुर पुलिस नेहा सिंह राठौर के कानपुर (ग्रामीण) में स्थित घर पहुंची और नोटिस दिया। कानपुर जिले की अकबरपुर कोतवाली पुलिस ने नेहा सिंह को दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 160 के तहत नोटिस दिया है।
उल्लेखनीय है कि कानपुर देहात के मड़ौली गांव में मां-बेटी के जिंदा जलने की घटना के बाद नेहा ने अपने ट्विटर हैंडल, फेसबुक और यूटूब चैनल से यूपी में का बा समेत कई गाने पोस्ट कर सरकार पर तंज कसा था। सीओ (अकबरपुर) प्रभात कुमार ने बताया कि विभिन्न ट्वीट और मौखिक शिकायतें मिली थी कि नेहा के गानों से समाज में भेदभाव और वैमनस्यता फैल रही है।
इसका संज्ञान लेकर नोटिस के माध्यम से तीन दिन के अंदर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। नोटिस में पूछा गया है कि क्या इंटरनेट मीडिया के जिन प्लेटफार्म पर यह गाने पोस्ट किए गए उन्हें वह खुद चलाती हैं या कोई और ? पुलिस ने यह भी पूछा है कि जिन गीतों को गाया है वह उन्होंने खुद लिखे हैं या किसी ने लिखकर दिए हैं ? इनके लिखने और गाने का आधार क्या है। प्रभात कुमार का कहना है कि स्पष्टीकरण न देने पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

