उत्तर प्रदेश के विधानमंडल का बजट सत्र 2023 आज से शुरू हो रहा है, सत्र के पहले दिन आज यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल विधानमंडल के दोनों सत्रों को संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए अभिभाषण पेश करेगी। इसके बाद 22 फरवरी को योगी आदित्यनाथ सरकार का वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट विधानमंडल के दोनों सत्रों में पेश करेंगे।
21 फरवरी को अपना दल के पूर्व विधायक स्वर्गीय राहुल प्रकाश कौल के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित कर सदन की कार्यवाही स्थगित की जाएगी। 22 फरवरी को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट पेश करेंगे। 22 फरवरी से ही सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा शुरू होगी। बैठक में तय किया गया कि तीन दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। उसके बाद 4 दिन बजट पर चर्चा होगी। 6 मार्च तक सदन आहूत किया जाएगा।
कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में चर्चा हुई कि विधानसभा के सत्र संचालन का कार्यक्रम 10 मार्च तक जारी किया गया है। लेकिन 7 और 8 मार्च को होली का अवकाश है, उसके बाद क्षेत्रों में होली मिलन समारोह शुरू हो जाएंगे। ऐसे में सदस्यों का वापस विधानसभा सत्र में शामिल होना मुश्किल होगा। लिहाजा सदन की कार्यवाही को 6 मार्च तक ही संचालित किया जाएगा।
विधानमंडल के बजट सत्र 2023 को कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में 6 मार्च तक संचालित करने की मंजूरी दी गई है। इस बार के विधानमंडल का बजट सत्र शनिवार को भी संचालित किया जाएगा। प्रतिदिन का एजेंडा उसी दिन कार्यवाही देर शाम तक संचालित भी की जाएगी।
बजट सत्र से पहले ही विपक्ष ने मोर्चा खोलते हुए भाजपा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने लखनऊ में राज्य विधानसभा के बाहर राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। वहीं इस बजट सत्र को लेकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास का नया खाका इस बार सदन में खींचा जाएगा और प्रदेश के चर्तुमुखी विकास के लिए हमारी सरकार लगातार काम कर रही है। हम लोगों के भावनाओं के अनुरूप बजट लाएंगे।

वहीं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि विपक्ष को हक है सवाल करने का लेकिन उनका तरीका गलत है। सपा के विधायकों ने वहां सुरक्षाकर्मियों और मार्शल से नोकझोंक की तो मार्शल ने विधायकों को गोद में उठाकर विधानभवन के बाहर करने की कोशिश की तो विधायक वहीं धरने पर बैठ गए।पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव भी विधायकों के साथ धरने पर बैठ गए हैं।
बात की जाए अगर विपक्ष की तरफ से कि वो सदन में क्या मुद्दे उठाएगी तो आपतो बता दें अखिलेश यादव सदन में रामचरितमानस पर चल रहे विवाद को लेकर योगी आदित्यनाथ से सवाल करेंगे कि कौन शूद्र है, जातीय जनगणना के मुद्दे को हवा दे रहे विपक्षी दल इस मोर्चे पर भी सरकार को घेरने की तैयारी कर चुकें हैं। इसके साथ ये भी खबर है कि कानपुर में हुई मां-बेटी हुई मौत को लेकर भी विपक्ष सरकार पर निशाना साध सकता है।

