T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारियों के तहत भारतीय टीम इस समय न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज खेल रही है। सीरीज के पहले मुकाबले में टीम इंडिया ने दमदार प्रदर्शन करते हुए कीवी टीम को बड़े अंतर से मात दी। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही विभागों में भारत का पलड़ा भारी नजर आया, लेकिन इस जीत के बीच एक ऐसी कमजोरी भी सामने आई, जिसे नजरअंदाज करना आने वाले बड़े टूर्नामेंट में भारी पड़ सकता है।
नागपुर में रिकॉर्डतोड़ बल्लेबाजी
नागपुर में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक रुख अपनाया। टॉप ऑर्डर से लेकर मिडिल ऑर्डर तक सभी बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए और टीम ने 230 से ज्यादा का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम दबाव में नजर आई और भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट झटके।
मैच पर भारी पड़ सकती थी फील्डिंग की लापरवाही
हालांकि गेंदबाजों ने अंत में मैच भारत की झोली में डाल दिया, लेकिन फील्डिंग के दौरान की गई चूक ने टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ा दी है। इस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों से कई आसान मौके हाथ से निकल गए। कैच छोड़ने और रन आउट में चूक जैसी गलतियों ने विपक्षी बल्लेबाजों को अतिरिक्त जीवनदान दिया।
गलतियों से मिले जीवनदान
न्यूजीलैंड के कुछ बल्लेबाज ऐसे थे, जो भारतीय फील्डिंग की वजह से लंबी पारी खेलने में सफल रहे। एक बल्लेबाज को शुरुआती ओवरों में रन आउट का मौका मिला, लेकिन थ्रो सटीक नहीं रहा। इसके बाद मिडिल ओवर्स में दो आसान कैच टपके, जिससे रन गति पर ब्रेक नहीं लग पाया। डेथ ओवर्स में भी एक अनुभवी बल्लेबाज को दो बार कैच का जीवनदान मिला, जिसने भारतीय खेमे को निराश किया।
मैच का अंतर और बड़ा हो सकता था
अगर ये मौके भुनाए जाते तो भारत न सिर्फ जल्दी जीत दर्ज करता, बल्कि जीत का अंतर और भी बड़ा हो सकता था। खराब फील्डिंग की वजह से गेंदबाजों पर अतिरिक्त दबाव बना और रन भी जरूरत से ज्यादा खर्च हुए। मजबूत टीमों के खिलाफ इस तरह की चूक मैच का रुख पलट सकती है।
पुरानी समस्या फिर आई सामने
यह पहली बार नहीं है जब भारतीय टीम की फील्डिंग पर सवाल उठे हों। इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भी भारत को इसी कमजोरी का खामियाजा भुगतना पड़ा था। उस सीरीज में कई अहम मौकों पर कैच छूटे और रन आउट के अवसर गंवाने पड़े, जिसका असर सीधे नतीजों पर पड़ा।
वर्ल्ड कप से पहले चेतावनी
टी20 वर्ल्ड कप 2026 अब ज्यादा दूर नहीं है और यह टूर्नामेंट भारत में खेला जाना है। घरेलू परिस्थितियों में भारतीय टीम को खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है, लेकिन फील्डिंग जैसी बुनियादी कमजोरी इस सपने में रोड़ा बन सकती है। बड़े टूर्नामेंट में हर रन और हर मौका अहम होता है।
कोचिंग स्टाफ पर होंगी नजरें
अब सभी की निगाहें फील्डिंग कोच और टीम मैनेजमेंट पर टिकी हैं। अभ्यास सत्रों में कैचिंग, थ्रो और ग्राउंड फील्डिंग पर विशेष ध्यान देना जरूरी होगा। अगर समय रहते इस समस्या को दूर नहीं किया गया, तो मजबूत बल्लेबाजी और गेंदबाजी के बावजूद टीम को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
बेहतर फील्डिंग की उम्मीद
रायपुर में होने वाले अगले मुकाबले में भारतीय टीम से बेहतर फील्डिंग की उम्मीद की जा रही है। सीरीज भले ही छोटी हो, लेकिन इससे मिलने वाले सबक वर्ल्ड कप की तैयारी के लिहाज से बेहद अहम हैं। जीत के साथ-साथ कमजोर कड़ियों को मजबूत करना ही टीम इंडिया के लिए सही रास्ता होगा।
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