Delhi Airport: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गुरुवार को एक गंभीर विमान हादसा होते-होते रह गया। एयर इंडिया के एक आधुनिक A350 विमान में उस समय तकनीकी समस्या उत्पन्न हो गई, जब ग्राउंड हैंडलिंग के दौरान एक बैगेज कंटेनर विमान के इंजन के बेहद करीब पहुंच गया। घटना के तुरंत बाद विमान को ऑपरेशन से बाहर कर दिया गया, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि टल गई।
ग्राउंड हैंडलिंग के समय हुआ घटनाक्रम
सूत्रों के अनुसार, एयर इंडिया का A350 विमान उड़ान की तैयारी में था। इसी दौरान सामान लोड-अनलोड की प्रक्रिया चल रही थी। तभी एक बैगेज कंटेनर असंतुलित होकर विमान के इंजन से टकरा गया और उसमें फंस गया। इस टक्कर के कारण इंजन के कुछ हिस्सों में तकनीकी खराबी आ गई।
समय रहते टली बड़ी दुर्घटना
घटना उस समय सामने आई जब विमान रनवे की ओर बढ़ने वाला था। तकनीकी टीम की सतर्कता और समय पर निरीक्षण के चलते विमान को तुरंत रोक लिया गया। यदि यह समस्या उड़ान के दौरान सामने आती, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। राहत की बात यह रही कि विमान में सवार यात्रियों और क्रू मेंबर्स को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
इंजन में आई खराबी, विमान किया गया ग्राउंड
बैगेज कंटेनर के संपर्क में आने से इंजन की कार्यक्षमता प्रभावित हुई। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए एयर इंडिया ने विमान को तत्काल ग्राउंड कर दिया। इंजीनियरिंग टीम ने इंजन की विस्तृत जांच शुरू कर दी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में किसी तरह का जोखिम न रहे।
यात्रियों की सुरक्षा को दी गई प्राथमिकता
एयर इंडिया प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। प्रभावित विमान से जुड़ी उड़ान को स्थगित कर वैकल्पिक व्यवस्था की गई। यात्रियों को समय पर सूचना दी गई और किसी को भी असुविधा न हो, इसके लिए एयरलाइन की ओर से जरूरी कदम उठाए गए।
एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद ग्राउंड ऑपरेशन और बैगेज हैंडलिंग की प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे आधुनिक विमानों के आसपास काम करते समय अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। छोटे-से मानवीय चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
जांच के आदेश, SOP की समीक्षा
बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी और एयर इंडिया दोनों स्तर पर मामले की आंतरिक जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि क्या स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का पूरी तरह पालन किया गया था या नहीं। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों पर भी विचार किया जा रहा है।
तकनीकी दक्षता ने बचाई जानें
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि समय पर तकनीकी जांच और सतर्कता कितनी जरूरी है। अगर थोड़ी-सी भी लापरवाही होती, तो परिणाम गंभीर हो सकते थे। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कोई जनहानि नहीं हुई है।
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