Greater Noida Crime: ग्रेटर नोएडा वेस्ट से सामने आए एक चौंकाने वाले मामले ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। ला रेजिडेंशिया सोसायटी की लिफ्ट में एक बुजुर्ग महिला से चेन छीनने की कोशिश का CCTV वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए बिसरख थाने के SHO और ACP को पद से हटा दिया।
लिफ्ट के अंदर हुई वारदात
यह घटना करीब चार दिन पहले की बताई जा रही है। बुजुर्ग महिला अपने फ्लैट से नीचे जाने के लिए लिफ्ट में सवार हुई थीं। उसी दौरान एक युवक, जिसने हेलमेट पहन रखा था, उनके पीछे-पीछे लिफ्ट में घुस गया। जैसे ही लिफ्ट चलनी शुरू हुई, आरोपी ने अचानक महिला की चेन पर हाथ डाल दिया।
शोर मचाते ही भागा आरोपी
महिला ने साहस दिखाते हुए शोर मचाया, जिससे घबराकर आरोपी मौके से फरार हो गया। गनीमत रही कि महिला की चेन पूरी तरह छीनी नहीं जा सकी, लेकिन इस घटना ने उन्हें मानसिक रूप से बुरी तरह झकझोर दिया। सोसायटी में रहने वाले अन्य लोग भी इस वारदात से दहशत में आ गए।
CCTV वायरल होने के बाद बढ़ा दबाव
घटना के बाद जब सोसायटी का CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। महिला सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे और पुलिस की कार्यशैली पर भी उंगलियां उठीं। कई यूजर्स ने इसे सोसायटी के अंदर सुरक्षा में बड़ी चूक बताया।
24 घंटे में मुठभेड़, आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और CCTV फुटेज व सर्विलांस के आधार पर आरोपी की पहचान कर ली। महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी एक डिलीवरी बॉय था, जो डिलीवरी देने के बहाने सोसायटी में दाखिल हुआ था।
क्राइम मीटिंग में फूटा कमिश्नर का गुस्सा
देर रात हुई एक हाई-लेवल क्राइम मीटिंग में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने इस मामले की समीक्षा की। बैठक के दौरान यह साफ हुआ कि शुरुआती स्तर पर कार्रवाई में ढिलाई बरती गई। महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर लापरवाही को गंभीर मानते हुए कमिश्नर ने तत्काल कार्रवाई का फैसला लिया।
SHO और ACP को हटाया गया
पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए SHO बिसरख और ACP बिसरख को उनके पद से हटा दिया। यह फैसला पुलिस महकमे के भीतर एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि महिला सुरक्षा के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर हाई-राइज सोसायटियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। डिलीवरी बॉय या बाहरी व्यक्ति का आसानी से अंदर प्रवेश करना, सुरक्षा गार्ड की भूमिका और CCTV निगरानी जैसे मुद्दे चर्चा में आ गए हैं।
महिला सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश
पुलिस कमिश्नर की इस कार्रवाई को महिला सुरक्षा के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अपराधियों के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई तय है।
स्थानीय लोगों की मांग
सोसायटी के निवासियों ने मांग की है कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, विजिटर वेरिफिकेशन सिस्टम सख्त हो और डिलीवरी स्टाफ की एंट्री पर विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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